अपने मतलब की है,सबके हित की सरकार नही मुर्दो मे गिने जावोगे अगर भरी तुमने हुंकार नही। हालात को देख समझ के दुनियादारी सीख लो मांगने से भीख ही मिलती है,हक अधिकार नही। अपनी लडाई खुद लडनी है इतना तुम जान लो मदद को तुम्हारे आयेगा अब कोई अवतार नही। […]
काव्यभाषा
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