नशा जो किया फिरे भीख मांगता घर बर्वाद | रिश्वतखोरी भरे घड़ा पाप का ड़र काल से | मारे उबाल भारत में अब भी व्यक्ति की जात | वो जी रहे हैं शोषण सहकर भूख मारके | कैसा विकास गरीब हाशिए पे गाँव निराश | नोट खाकर श्रीमान् मालामाल जन […]

तेरी दिल लगी का, क्या में सिला दू। तुम्हें है खबर की, मुझ पर क्या बीत रही है। कुछ तो हुआ है, तुमको और मुझको। पर हम ये बात कहाँ किससे। कुछ ख़्बायो में गया, कुछ रातों में गया। और कुछ पहले तुमके, चक्कर में दिन निकल गया। पर अब […]

मजदूरी करके भी हमको उसने पढ़ाया है । कचौड़ी के बदले उसने सूखी रोटी खाया है । हम पढ़-लिखकर इन्सान बनेंगे, यह उम्मीद उसने खुद में जगाया है । जब पिया सिगरेट बेटा,देख वह शरमाया है । उसने नशा का मूँह ना देखा,बेटे ने शिखर आज चबाया है । उसकी […]

आ जाओ अब कृष्ण कन्हाई फिर धरती पर आ जाओ तुम्हे बुलाती ब्रज की नारी अब धरती पर आ जाओ। हुई है बोझल पृथ्वी सारी सहते सहते अत्याचार। बढ़ रही है पाप की दुनियां नित होता कन्याओं से व्यभिचार। आ जाओ अब कृष्णा मेरे ले चक्र सुदर्शन हाथों में। दण्डित […]

गांव की मिट्टी में जन्मे थे गजब उनकी कहानी थी गांव ,किसान की आवाज बने सच्चाई उनकी जुबानी थी उत्पीड़न, अन्याय, विसंगति जब देखी उन्होंने गांव में सहकारिता की नोकरी छोड़ी अलख जगाई थी गांव में किसान मजदूर की ख़बरे छापी ग्रामीण जनता अखबार में जीवन पर्यन्त संघर्षशील रहे खुद्दारी […]

छोड़ नफरत, प्यार का चलन रहने दो । अमन शांति का अपना वतन रहने दो ।। रिश्ते प्रीत के सभी से निभाते रहिए । ये समझ लो पाक अपना मन रहने दो ।। कामना करते रहें खुश रहे ये जमाना । धरती सुनहरी , नीला गगन रहने दो ।। अपनेपन […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।