तुम्हारे ही लिए प्रियतम जहां को छोड़ आई थी, मधुर क्रंदन बो मां चंदन का आंचल छोड़ा ही थी, मेरे बाबा ने यू मुझको था सीचा अपनी बगिया में, खिली जो फूल बन के तो तेरे चरणों चढ़ाई थी, मेरे नन्हे से भाई ने बिठा डोली उठाई थी, लरजते उन […]

तब कजन भी भाई हुआ करते थे अब भाई से भी होती बात नहीं तब गली मोहल्ले सुनते थे अब घरवालों की भी कुछ कहने की औकात नहीं तब कई दिन की रिश्तेदारी थी अब मिलने को एक रात नहीं तब सबके घर आना जाना था अब अपनों से भी […]

चलते है जो सत्य अहिंसा के मार्ग पर। करते है जो जीवो की रक्षा हर कदम पर। देते है उपदेश जियो और जीने दो का। ऐसे परम तपस्वीय को विद्यासागर कहते है।। कितनो का किया इन्होंने कल्याण लोगो। लाखो को जैन धर्म क्या होता है बतला दिया। और नई पीढ़ी […]

मुख्यमंत्री रहे कई नेताओं ने आवास किराया चुकाया नही किराया अदा करने के न्यायालय फरमान को माना नही सरकार ने अपनी ताकत से उनके करोड़ो रूपये माफ कर दिये न्यायालय के आदेशो को भी पल भर में दरकिनार कर दिये इतनी रहमदिली अगर सरकार ने गरीबो के प्रति दिखाई होती […]

पंथ आज देश शान,मानवी प्रकाशमान। विकास गाँव गाँव में, सड़क से जानिये। आने जाने वाले दुख, चाहते वाहन सुख। मिलता सहारे जिसे, सड़क ही मानिये। बाम चाल देख भाल, देख चिह्न संकेतक, कागजात साथ रख, नियमों को पालिये। हेलमेट सिर धर ,दुपहिया चलाना है। सीट बेल्ट कार वाले, जन पहचानिये। […]

जापान में हिंदी एक कैरियर के रूप में देखी जाती है।जापान की युवा पीढ़ी दुनिया के सबसे बड़े बाजार भारत मे व्यापार के लिए हिंदी सीखने को जरूरी मानते है।तभी जापान में हिंदी सीखने का क्रेज इतना अधिक है कि प्रायः हर विश्वविद्यालय व कालेज में हिंदी विभाग खुल गया […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।