मां अम्बे तू गौरी , तेरे ही रूप अनेक , तू तीनों लोको में प्रसिद्ध , सबकी इक्शा पूर्ण करने वाली , नव नामों से तू पुकारी जाती , प्रथम तू शील तपस्या से परिपूर्ण , शैलपुत्री से जानी जाती , दूसरी ब्रहा जी की स्वरूप प्राप्त , ब्रह्मचारिणी से […]

माता आओ मेरे अंगना माता मेरी बुला रही है। मेरी माता जगजननी को मैया कहके झूला रही है। मां में देखूं स्वरूप तुम्हारा बहन में ममता पाई है हर नारी में जगदम्बा की मूरत एक समाई है। घूम रहे हैं महिषासुर चौकों में बाज़ारों में मानवता को तार करते जिल्लत […]

सुकून उतना ही देना, मालिक जितने से जिंदगी गुजर जाए, औकात बस इतनी देना, कि, औरों का भला हो जाए, रिश्तो में गहराई इतनी हो, कि, प्यार से निभ जाए, आँखों में शर्म इतनी देना, कि, बुजुर्गों का अदब रख पायें, साँसे जिस्म में इतनी हों, कि, बस नेक काम […]

जब आपने कह दिया है तो क्यों रुकेंगे किसी के सामने हम अब क्यों झुकेंगे । मोहब्बत किया है हमने, कोई चोरी नही मरे सारी दुनिया परन्तु हम क्यों मरेंगे । दिल में उसे बसाया है सच में सौरभ भूलें सारी दुनिया पर उसे नही भूलेंगे डर नही किसी का […]

नही होती सुंदरता किसी के भी शरीर में। ये बस भ्रम है अपने अपने मन का। यदि होता शरीर सुंदर तो कृष्ण तो सवाले थे। पर फिर भी वो सभी की आंखों के तारे थे।। क्योंकि सुंदर होते है उसके कर्म और विचार में। तभी तो लोग उसके प्रति आकर्षित […]

पहले राजा भेष बदलकर जनता के बीच जाते थे किसको क्या है कठिनाई समाधान करके आते थे अब राजा जनता से ही सुरक्षात्मक दूरी बनाता है जनता के बीच आने के लिए सड़के खाली कराता है आमजन तो दूर की बात खास भी नही मिल पाते है जिसने जैसा पढ़ा […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।