हिन्दू धर्मावलंबियों समेत अन्य धर्मों में भी शायद ही कोई ऐसा मंदिर, मस्जिद या गिरजाघर होगा जो वर्ष में एक दिन के लिए खुलता होगा, लेकिन महाकाल की नगरी उज्जैन में एक दुर्लभ नागचन्द्रेश्वर मंदिर है जो कि प्रसिद्ध महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। इसकी खास बात […]

हे सदा शिव, हे अंतरयामी हे महाकाल, हे त्रिपुरारी हे नागेश्वर ,हे रुद्राय हे नीलकंठ ,हे शिवाय हे शिव शम्भू ,हे प्रतिपालक हे दयानिधि ,हे युग विनाशक हे गौरी पति,हे कैलाशी हे काशीवासी, हे अविनाशी हे पिनाकी ,हे कपाली हे कैलाशी, हे जगतव्यापी हे गंगाधराय ,हे जटाधराय हे जगतपिता,हे सर्वव्यापी […]

मुझे राह दिख, लाने वाले मेरे मन। कभी राह खुद तुम, यूही न भटकना। मुझे राह….……। मोहब्बत में जीते, मोहब्बत से रहते । मोहब्बत हम सब, जन से है करते। स्नेह प्यार की दुनियां, हम हैं बसाते। मुझे राह……..।। न भेद हम करते, जाती और धर्म में। न भेद करते, […]

  देश के जाने-माने पत्रकार,चिंतक और हिन्दुस्थान समाचार के समूह संपादक पद्मश्री राम बहादुर राय को पत्रकारिता और हिन्दी भाषा की सेवा के लिए प्रतिष्ठित ‘हिन्दी रत्न’ सम्मान से विभूषित किया गया है. एक अगस्त को नई दिल्ली के हिन्दी भवन की ओर से उन्हें यह सम्मान संस्था के अध्यक्ष […]

बच्चे माँ बाप को समझाने लगे हैं छोटे कपड़ों को फैशन बताने लगे हैं भूलने लगे भला क्यों ये संस्कार को होटल डिस्को में वक्त बिताने लगे हैं सभ्यता जैसे अब तो मरने लगी है उंगलियां मोबाइल पर फिराने लगे हैं भूलने हैं लगे अदब और सम्मान को अपने से […]

सेवा करना माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान, गुरूजनों का आदर करना , यही सिखाता  घर संसार। हिन्दु-मुस्लिम सिक्ख ईसाई हम सब हैं भाई-भाई, मिलजुलकर रहने की शिक्षा, देता है यह घर संसार। रूठ गये जो अपने उनको मोहब्बत का देकर आधार , सिखालाता मिलजुलकर रहना, ऐसा मेरा घर संसार। हार-हराकर […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।