बेवफाई का शौक उस बेदर्द का, कुछ इस कदर पला था! छोड़कर आया था जिन राहों को, फिर उन्ही पर चला था!! कभी मन भर गया था जिनसे, आज वही  प्यारे हो गए! चुभने लगे थे जो आंखों में, वही आँखों के तारे हो गए!! जिनसे नही मिला सहारा, आज […]

नित्य नियम से मदिरा पान कराये, आजकल तो सच्चा मित्र वही है | दुःख दर्द में जो दारु पिलाये, सच्चा मित्र तो आज वही है | पिला कर जो नाली से निकाले , उस जैसा कोई मित्र नहीं है | मधुशाला का नित्य निमन्त्रण, जो देता है अच्छा मित्र वही […]

विरह रैन यादों में छाओ ! मेरे प्रिय मीत चले आओ !! देता स्पंदन क्षण सूनापन ! बरस रहे नित उर्वर लोचन ! प्राण भरा कोलाहल रूदन ! तामस व्याकुल हुई सुहागन ! मृदुल मकरंद रस बरसाओ ! मेरे प्रिय मीत चले आओ !! चाह यही मिटना है तुझमें ! […]

भवानीमंडी | स्थानीय नगर के कवि,साहित्यकार राजेश कुमार शर्मा पुरोहित को दिल्ली के इस्कॉन मंदिर के औडोटोरियम में एहसास ए हिन्द संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम एक शाम देश और देश की बेटियों के नाम मे गेस्ट ऑफ ऑनर सम्मान से सम्मानित किया गया।     पुरोहित ने बताया कि इस […]

मित्र वही जो निभा सके समय पर काम आ सके सगो से भी निकट रह सके अपनत्व खुशबू बिखेर सके गरीबी अमीरी का भेद न हो जाति धर्म का छेद न हो विश्वास कभी डगमगा न सके मित्र की बुराई भा न सके मित्र को सद्ऱाह दिखा सके विकार उसके […]

चेहरा भूल जाओगे तो,  शिकायत नहीं करेंगे। नाम भूल जाओगे तो,  गिला नहीं करेंगे। और मेरे दोस्त, दोस्ती कि कसम है तुझे। जो दोस्ती भूल जाओगे, तो कभी माफ़ नहीं करेंगे। ख़ुशी से दिल, आबाद करना मेरे दोस्त। और गम को दिल से  आज़ाद करना। हमारी बस इतनी,  गुजारिश है […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।