भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्यामला हिल्स वाटर विजन पार्क में मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक डॉक्टर विकास दवे तथा मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी की डॉक्टर नुसरत मेहंदी के साथ आम, शहतूत और सप्तपर्णी के पौधे लगाए। इस अवसर पर साहित्यकार डॉ मीनू पांडे, लोकेंद्र सिंह चौहान, पुरु […]

यदि आप कविता लिखते हैं तो मातृभाषा डॉट कॉम लाया है आपके लिए कविता लेखन प्रतियोगिता। गणतंत्र दिवस विशेष कविता का आयोजन हो रहा है, जिसमें भारत की गणतंत्रीय गरिमा, गणतन्त्र दिवस या इनसे जुड़े विषय पर अपनी कविता लिखकर भेज सकते हैं, जिसका प्रकाशन मातृभाषा डॉट कॉम पर होगा। […]

भारत से हमारा संस्कार औऱ साहित्य का नाता- डॉ बुद्धू हिन्दी व भोजपुरी भाषा की सेवा के लिए मॉरीशस में बहुत सक्रिय है डॉ. बुद्धू इन्दौर। ‘भारत मेरे पुरखों की जन्मभूमि है, जो मेरे लिए पुण्यभूमि है। भारत की प्रगति देखकर बहुत आनंद आता है। मेरा इस पुण्यभूमि से संस्कार […]

यह मेरा नहीं मेरी रचनाधर्मिता का सम्मान है- डॉ. पगारे इन्दौर। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शरद पगारे को बुधवार शाम के.के. बिड़ला फ़ाउंडेशन द्वारा प्रतिष्ठित तीसवाँ व्यास सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके उपन्यास ‘पाटलिपुत्र की साम्राज्ञी’ के लिए दिया गया। इंदौर प्रेस क्लब के राजेन्द्र माथुर सभागार में […]

इंदौर। साहित्य के क्षेत्र में देश में ज्ञानपीठ के बाद सबसे बड़ा पुरस्कार माने जाने वाला के. के. बिड़ला फॉउंडेशन का वर्ष 2020 के लिए तीसवां ‘व्यास सम्मान’ भारत के जाने-माने साहित्यकार प्रो. शरद पगारे को 11 जनवरी को सायं 5 प्रेस क्लब इंदौर में एक गरिमामय कार्यक्रम में प्रदान […]

इंदौर में आयोजित सत्रहवां प्रवासी भारतीय दिवस तारीख 9 जनवरी के महत्व को दर्शाता है. 9 जनवरी महज कैलेंडर की तारीख नहीं बल्कि इतिहास बदलने की तारीख है जिसका श्रेय महात्मा गांधी को जाता है. आज ही के दिन 1915 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी अपनी पत्नी कस्तूरबा गांधी के साथ […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।