अमन चैन खुशहाली बढ़ रही , अब तो मेरे गांव में, हाय हलो गुडनाइट से, मोबाइल बजते गांव में। टेढ़ी ,बाँकी टूटी सड़कें धचके खाती कार में, नेता अफसर और डाँक्टर भी आते कभी कभार में। पण्चू दादा हुक्का खैंचे, चिलम चले चौपाल मे, गप्पेमारी ताश चौकड़ी, खाँप चले चौपाल […]
