इश्क   शहनाई   प्यारे  नगाड़ा   नहीं। मुहब्बत  दूनी  दो   का   पहाड़ा नहीं। बेवफ़ा  ना  मुझको   ऐसा इल्ज़ाम दे। घर  वफ़ा  ने  किसी का उजाड़ा नहीं। दिल  लगी   तुम्हारा   है   खेल  क्या। यह   अनमोल   गोहर   कबाड़ा  नहीं। यह  वहम   कि   मैं   हिरनी हूं शेरनी। खैर  मानो  अभी  तक   दहाड़ा  नहीं। जिंदगी  वो    […]

तेरे  आने के  इंतज़ार में बिताये हमने  हैं कई साल कैलंडर तो हम  बदलते रहे  पर मनाया न कभी नया साल गुजर गए फिर  बारह महीने पर सुखा न आसुंओ का सेलाब अब सजदा भी करूँ  कैसे जब तेरे इश्क में हुए हम कंगाल  दिल में सहेज कर  बैठे है  तेरे वादों की  किताब को आज भी जी रहे हम […]

वैसे मिलने का मन तो रोज करता है लेकिन हमारी मुलाकात अधिकतर वीक एंड पर ही संभव होती थी। हर बार की तरह वहीं KST के किनारे पर मुलाकात हुई। कुछ देर तक दो चार बातें हुई। पता नहीं क्यों आज वो ज्यादा ही खुश नजर आ रही थी,येलो सूट […]

जाग उठी फिर शिव की सेना, अब ताण्डव दिखलाएगी ज्वाल बनी अब ये चिंगारी, दुश्मन को राख बनाएगी रक्त सुशोभित हो उठेगा, काश्मीर की घाटी में नरमुंडों की होगी माला, हर फौजी के हाथों में पत्थर से जो सर फोड़े थे, बाजू आज उखाड़ेंगे चुन चुन कर ऐसे चेहरों की, […]

  स्वागत नूतन वर्ष का,               आओ मिलकर मनायेंगें। खुशियाँ चहुँ दिशा में,                   सभी हम फैलायेंगे।। मानवता का दीप जले,                   मिटे राग द्वेष सब। साकार यह […]

पूरे साल क्या किया एक आंकलन कीजिए अगर दुखाया किसी का दिल माफी  मांग लीजिए जो लक्ष्य किया था कुछ अच्छा करेंगे उसमे क्या सफल हुए कितनो के आंसू पोछ पाये यह भी मनन कीजिए पराये थे जो अपने बने यह बड़ी उपलब्धि है अपने अगर पराये हो गए यह […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।