जी हां, बंजर ज़मीन पर अब लिलियम के फूल लहलहा रहे हैं. आज जब खेती की उपजाऊ ज़मीन लगातार बंजर होती जा रही है, ऐसे में लिलियम के फूलों की खेती ने किसानों को एक नई राह दिखाई है.  लिलियम ठंडी आबोहवा का बेहद ख़ूबसूरत फूल है. दुनिया भर में कंदीय […]

प्रेम प्यार और भाईचारा, एक ऐसा अनुभव है, जो कभी भी इंसान और, उसकी इंसानियत को/ कभी भी हारने नहीं देती, घृणा एक ऐसा अनुभव है, जो कभी भी सच्चे इंसान को, भी जीतने नहीं देती // दिलो में चाह हो तो, कुछ भी कर सकते है, स्नेह, प्रेम, प्यार, […]

ऊंचे से ऊंचा सोचकर चढ़ते जाओ सोपान देह बन्धनों से मुक्त हो हलके हो जाओ इंसान इंसान से देवता बनना अब है बहुत आसान विकार छोड़ पवित्र बनो छोड़ो व्यर्थ का पोथी ज्ञान कृष्ण सरीका बनने को मेहनत तो करनी होगी यह कलियुग बीत जाएगा अगली दुनिया तुम्हारी होगी। #गोपाल […]

ज्योति जैन का ‘यात्राओं का इंद्रधनुष ‘के यात्रावृतांत संग्रह में -कैलाश मानसरोवर ,लेह -लद्धाख ,सिक्किम,केरल,तारकली ,थाईलेंड ,झाबुआ की यात्राओं अनुभवों एवं वहाँ की विषेशताओं का सटीक वर्णन कर पाठकों के दिलों में यात्राओं के प्रति अनुराग भरा और स्वयं ने भी महसूस किया कि यात्राएँ थकाती नहीं बल्कि नई ऊर्जा […]

मैं नारी हूँ, मै नारी हूँ अत्याचारों पर मैं भारी हूँ मैं अंत नहीं मैं हूँ अनंत मैं जलती हुई चिंगारी हूँ मैं नारी हूँ, मै नारी हूँ । आंगन की मुझे तुलसी न समझ अस्तित्व को मेरे भंग न कर मैं वो पावक परछाई हूँ मैं रानी लक्ष्मीबाई हूँ […]

.           सूरज जाए मकर में,तिल तिल बढ़ती धूप। फसले सधवा नारि का, बढ़ता जाए  रूप।। .            पशुधन कीट पतंग भी, नवजीवन सब पाय। वन्य पशू पौधे सभी,कली कली खिल जाय।। .            तितली भँवरे मोर पिक, करते  हैं  मनुहार। ऋतु बसंत के आगमन,स्वागत करते द्वार।। .            मानस बदले वसन ज्यों,द्रुम दल […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।