बेटी बचाओं ओ दुनिया वालो बाबुल करता है अब ये गुहार दुनिया रहेगी जब होगी बेटी  कहती है ये माँ की पुकार * खिल जाते है मन सभी के बिटियाँ हो हर घर सभी के दुःख दूर होगा सुख होगा पास बस करना तुम सबपे ये उपकार बेटी बचाओं ………………. […]

परिवार  एकता जहां देखता स्वर्ग वही पर लगता है सबके चेहरे खिले खिले से सुंदर उपवन वह लगता है याद बड़ो को जो नित्य करते आशीष उन्हें ही मिलता है हर बाधा दूर हो जाती खुशियो का गुलदस्ता सा लगता है जिसे देश की चिंता रहती देशभक्त वही तो होता […]

हमें इस संसार में लाने वाली माँ क्या अपने बच्चों का कभी भी बुरा सोच सकती है क्या / परन्तु हम सब के जीवन में कभी कभी इस तरह के हालात पैदा हो जाते है की हमें उस समय निर्णय करना बहुत ही भरी पड़ जाता है / और हम […]

अमृता और रमेश दोनो दया-भाव से भरे थे।त्योहारों में मॉल से शॉपिंग के बजाए गरीब फेरीवाले से खरीददारी किया करते थे। आज करवाचौथ का दिन था। अमृता ने फेरीवाले को बैठाकर रमेश को आवाज दिया-“रमेश! साड़ी पसंद कर दो जरा।” रमेश-“अरे तुम्हें पहनना है, तुम हीं देख लो न!मुझे क्यों……?” […]

ओहो  दीपावली  मनाएं । खुशियों  के  दीप जलाएँ । आज  धरा पर फैल रहा, अग्यान का अंधियारा। दीप जलाकर  रोशन कर दें फैलाए   उजियारा। अंधकार को दूर भगाकर विश्वास के दीप जलाएं। दूर गगन में चमक रहा है,जग का अनूठा प्रकाश। खेतों में हरियाली छाए, गाए खुशी का विकास। जगमग […]

।।दोहा।। जयति जय माता सरयू, जय विष्णु अश्रु धार। मोहि पर अब कर किरपा ,करो   मोर उद्धार।। ।।चौपाई।। मानसरोवर निकली धारा । तुम्हरी महिमा अपरम्पारा।। महिमा तुम्हरी कही न जाई।शिवभूमि काली तट कहाई।। शारदा राप्ती है सहायक । छपरा गंगा संग विलायक। मैदान आ   सरयू कहाई । अपन […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।