तुम रूठना सही मनाने आऊंगा जिंदगी के खेल में हार जाऊँगा जो गम लील रहे खुशियाँ तेरी क़सम उन्हें दूर तुझसे भगाऊंगा मेरी आगोश में प्यासा मरे कोई मन्जूर दिल कैसे ये कर पाऊँगा आहवान करता हूँ जिंदगी तेरा तेरा साथ मरते दम निभाऊंगा कलकल करती भाव से मेरी कविता […]
