पिता का कंधा अम्मा की गोदी सपनों मे परियों संग खेली…. रात मे चाँद-सितारों की टोली उनके संग लुकाछिपी खेली… चंदा संग मामा की बाते जुगनू बन रात मे घूमी बाबा-बाबा कहकर उनसे कंधे पर जा कर बैठी देखो खुला आकाश है ये संदर-सुंदर चाँद-सितारे आँखो मे सपना बन आते […]
जुल्फ-घनेरी बिखरी-बिखरी झील सी आँखें नीली-नीली। नजर हमारी ठहरी-ठहरी बात तुम्हारी बिखरी-बिखरी। मन चंचल मचल-मचल अल्हड़ बनाए डगर-डगर। ठिठक जाए संभल-संभल होठ गुलाबी संवर-संवर। चाल शराबी कमल-कमल नशीली आदाएँ कहर-कहर। बात का जादू सफल-सफल मदहोश करती पहर-पहर। लो आ गयी गहरी-गहरी रात निराली ठहरी-ठहरी चाँद की चाँदनी फैली-फैली खूबसूरती तुम्हारी […]
