जब तक तुम न हो बिस्तर पर, मुझे जरा भी नींद नहीं आती। जब तक मिले न स्पर्श तुम्हारा, मेरे दिल में चैन नहीं है आती।। जब तक तकिया न तुम्हारे हाथो का, आंखो मे नींद नहीं है अब समाती। जब तक चादर पर न पड़े सलवटे, मेरे दिल को […]

तेरा मेरा नाम आजकल जुबा पर लोगों के रहता है। मोहब्बत के चर्चे भी दोनों के बहुत होते है। मोहब्बत कहते है किसे उदाहरण हमदोनों के देते है। और अपनी मोहब्बत को हमारे नामो से जोड़ते है।। मोहब्बत की कश्ती को तैयराना आसान नहीं होता। मोहब्बत कश्ती है तो हम […]

अजन्मा, अविनाशी ,अशरीरी है शिव हम सबका पालक परमात्मा है शिव खुशी,सुख,प्रेम ,आंनद वह देता है समेटकर दुःख सारे, वह हर लेता है पिता,गुरु,शिक्षक का शिव से नाता है ज्ञान,सेवा,धारणा वह सिखलाता है अशांति,द्वेष,तनाव दूर भाग जाते है शांति,सदभाव आकर बस जाते है ज्योतिबिंदु स्वरूप है परमात्मा उसी स्वरूप में […]

शिव है सबके कर्ताधर्ता। शिव ही है भक्तों के वरदानकर्ता। तभी तो पाते सुख शांति हम सब। शिव के बिना जग है सुना सुना। इसलिए हर कोई कहता सुबह शाम ॐ नमशिवाय।। जो रखते है महाशिवरात्रि का व्रत, और करते शिवजी की पूजा। तो हो जाती उनकी सारी इच्छाएं पूरी। […]

जय महेश शिव शंकर भोले। डम ढम डम ढम डमरू बोले।। कैलासी काशी के वासी। सत्य सनेही शिव अविनाशी।।१ भक्त सन्त शिवरात्रि जगाए। द्वेष दोष भव दूर भगाए।। मर्त्य मनोरथ मनुज जागरण। सृष्टि हेतु रचि नव्यआभरण।।२ गज गणेश गौरी गो नन्दी। कार्तिकेय केकी कालिन्दी।। चंद्र गंग सिर जटा विराजे। भूत […]

मेरे बाबा है भोले भंडारी, उनकी नंदी की है सवारी। उनके पास जो कोई जाता, कभी खाली हाथ न आता।। मेरे बाबा पहने सर्पो की माल, वे काल के भी है महाकाल। उनके मस्तक पर चंद्र बिराजे, जटाओं में गंगा मैया है बिराजे।। मेरे बाबा मृग छाला है पहने, हाथो […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।