डूबोगे तुम, पानी को दोष दोगे… मंजिल नहीं मिलेगी, तो किस्मत को दोष दोगे… गलती आंख की है, ठोकर लग गई… संभलने की बजाए पत्थर को दोष दोगे… जमाने की सुनोगे, तो पीछे रह जाओगे… आकर फिर तुम, जमाने को दोष दोगे… लोग अजीब हैं, हंसेंगे तुम पर… जब भीड़ […]

एक उम्मीद है, कि उसका होना हैl उससे मिलकर बस खुद को खो देना हैll वो एक गुड़िया है, एक खिलौना हैl जो ना मिले तो, बिन आँसू के रोना हैll वो एक झील है, मीठे रस से भरीl मैं एक प्यास हूं, खुद को डुबोना हैll क्योंकि वो मरहम […]

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धूल लगी उस किताब को, क्या फिर से खोल पाओगे…l  जो गुजर गई है बातें सारी, क्या उन्हें फिर से दोहराओगे…ll    माना काबिल बहुत हो तुम, और गम से तुम बेगानी हो…l  खूबसूरती की जो शमा जले तो, तुम परियों की रानी हो…ll    तुम्हारी मदमस्त आंखों से क्या, […]

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उस चांद की है सारी चांदनी, और उसे मामा बताया हैl देकर के नया जीवन जिसने, मुझे जीना सिखाया हैl दुखाकर आँखों को उसकी, मैंने जब भी उसे जगाया हैl गाकर के लोरी उसने, हर बार मुझे सुलाया हैl भुलाकर शर्म जिसने, भीड़ में भी सीने से लगाया हैl जब-जब […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।