सादर नमन मंच ! आज के दौर में साहित्य और साहित्यकारों का साख गिरता प्रतीत हो रहा है , कारण है कोई न पढ़ना चाहता है न सुनना और न ही समझने की जरुरत समझता है  । सोशल मीडिया और इंटरनेट के जमाने में हम फेक न्यूज़, उन्मादी वीडियो , […]

दीप जलाओ घर आँगन में, दीप जलाओ जन जन के मन में। दीप जलाओ उनके भी मन में, अंधकार है जिनके मन में । दीप जलाओ उन जन में, गुबार भरा जिनके मन में। दीप जलाओ उनके पन में, अनंग छिपा जिनके तन में । दीप जलाएं नारी अपने-2 घर […]

परम्पराएं तो हैं अपनी पहचान सखी, जब तक करे ये अपना सम्मान सखी, जब करे ये आत्मसम्मान पर  प्रहार सखी, तो मिल करना है इसमें सुधार सखी। कोई भी कितना नकेल लगाये हम पर, पर इसका परिष्कार जरुरी है, नर- नारी सब रहे खुशहाल हरदम, हर प्रथाओं में सामान अधिकार […]

मकानों में बसा है घर, दीवारों का मकां है ये । दीवारों में बसा हूँ मैं, दीवारों की ये बस्ती है। खुशबू है मोहब्बत की, गर दीवारें हो न नफ़रत की । कहीं सरहद बनातीं हैं , कहीं  नफ़रत दीवारें है। कहीं मंदिर बनातीं हैं, कहीं मस्ज़िद दीवारें हैं । […]

बेटियों को समर्पित एक रचना(एक प्रयास) एक पिता अपनी बेटी का मार्गदर्शन करता है— कूद पड़ दुनिया की दरिया में तू , मत सोच क्या-क्या करना होगा । निकलेगी तू खुद को तरास कर , लहरों की थपेड़ों को भी तुझे सहना होगा ।। 1 ।। फत्तियाँ कसने दे कुछ […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।