गरजत ‘गगन’ मद में हैं मेघा, लरजत मन पुलकित सस्नेहा, तरस रहा तन पी संग नेहा, बाहुपाश, रति, मधुमास विशेषा,   कौंध रही है तड़ित दामिनी, जाग रही मंत्रमुग्ध यामिनी, संवर रही है धरती मानो, सुहाग सेज चिरप्रतीक्षित बेला,   मचल रही उन्मादित ‘अगन’ मंद, अम्बर लिख रहा बूंदों संग […]

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  विचारणीय विषय है…ज्वलंत समस्या का…… ज्वलंत प्रश्न……. मुझे यकीन है आज हर माता-पिता अपने बच्चों के विद्रोही स्वभाव को लेकर परेशान हैं, और उनके भविष्य को लेकर चिंतित भी..निश्चित तौर पर सभी ने कभी न कभी आत्ममंथन भी किया होगा, कि ऐसा क्यों है?? जो मूल बात और कारण […]

गर्मी दस्तक दे रही,निकट ठंड का अंत, शुक्ल पंचमी माघ की,लाती मधुर बसंत। मनमोहक अनुपम छटा,कोयल की आवाज़, ऋतु वसंत का आगमन,अब भौंरों का साज़। पीली सरसों लुभाती,मन में भरती उमंग, मन मयूरा नाच उठा,अब ऋतुराज के संग। दुल्हन-सी सज गई महि,लगा निखरने रूप, देह को भी भाने लगी,यही सुनहरी […]

निर्भीक और निडरता,जिनकी थी पहचान, उनकी बुद्धि विवेक से,अंग्रेज थे हैरान। आज़ादी में आज़ाद का,था बड़ा योगदान, आज़ादी की जंग के,योद्धा थे महान। आज़ादी की ज्योति को,दिया जिसने जगाय, जागी घर-घर में अलख,बढ़ा मन में उत्साह। डरा नहीं अंग्रेजों से,नहीं झुकाया शीश, आंखें मिलाए मौत से,खून दिया है सींच। अंगद-सा […]

नूतन शुभागमन शुभागमन, हो गया नया वर्ष आगमन। नव वर्ष की नवीन भोर में, चहकती चिड़ियों के शोर में कीजिए सभी नया आचमन, नूतन शुभागमन शुभागमन। भूख गरीबी मंहगाई का, बेकारी में तरुणाई का टूटे कभी ना उनका मन, नूतन शुभागमन शुभागमन। नव वर्ष का नव सोपान है, चाहते सभी […]

हों सभी खुशहाल नए साल में, अब न हों कोई बेहाल नए साल में। ये रंजो ग़म भी दूर ही रहें सदा, हो कभी न मलाल नए साल में। है मस्ती दिलों में तराने खुशी के, हो खुशी न हो जलाल नए साल में। है सभी को मेरी यह शुभकामना, […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।