डॉ. नीरजा माधव और शिवकुमार विवेक होंगे हिन्दी गौरव अलंकरण 2025 से अलंकृत पाँच कवियों को भी काव्य गौरव अलंकरण मिलेगा इंदौर। हिन्दी भाषा के विस्तार के लिए लगातार कार्यरत ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ शनिवार 22 मार्च 2025 को स्थानीय राजेन्द्र माथुर सभागार, इन्दौर प्रेस क्लब में दोपहर 2 बजे से […]

इंदौर। उत्कृष्ट कविता एवं प्रांजल भाषा में लेखन करने वाली औरैया उत्तरप्रदेश निवासी कवयित्री इति शिवहरे को मातृभाषा उन्नयन संस्थान ने भाषा सारथी सम्मान से सम्मानित किया। इन्दौर प्रेस क्लब में आयोजित आवाज़ ए मालवा कवि सम्मेलन में संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’, कवि पंकज दीक्षित व […]

इंदौर। मासिक साहित्य ग्राम अख़बार का जनवरी अंक देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघई को सम्पादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ ने विश्वविद्यालय में भेंट किया। अंक का अवलोकन कर प्रो. सिंघई ने प्रशंसा की। शीघ्र ही विश्वविद्यालय के साहित्यिक विभागों में भी साहित्य ग्राम नज़र आएगा। Post Views: […]

भोपाल। साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग, भोपाल द्वारा कैलेण्डर वर्ष 2022 एवं कैलेण्डर वर्ष 2023 हेतु प्रदेश के लेखक की प्रथम कृति के प्रकाशनार्थ श्रेष्ठ पाण्डुलिपियों की घोषणा कर दी है। प्रति पाण्डुलिपि रुपये 20,000/- (रुपये बीस हजार) की सहायता अनुदान प्रतिवर्ष कुल 40 पाण्डुलिपियों को […]

नईदिल्ली। साहित्य अकादेमी ने 21 भाषाओं में अपने वार्षिक साहित्य अकादेमी पुरस्कार-2024 की घोषणा की है। इस वर्ष हिंदी साहित्य के लिए यह पुरस्कार कवयित्री गगन गिल को प्रदान किया जाएगा। गगन गिल को यह पुरस्कार उनकी कृति ”मैं जब तक आयी बाहर” के लिए के लिए प्रदान किया जाएगा। […]

इन्दौर। सुप्रसिद्ध धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में अय्यर का किरदार निभाने वाले सुप्रसिद्ध अभिनेता तनुज महाशब्दे ने ‘मासिक साहित्य ग्राम’ के दीपावली विशेषांक का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि ‘साहित्य जगत् की पहली पसंद बनता जा रहा है साहित्य ग्राम। यह अनवरत पाठकों का प्रेम प्राप्त करता रहे।’ […]

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।