अकादमी ने किया साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं के कुम्भ का आयोजन

‘वीणा की वाणी’ में जुटे देशभर के साहित्य संपादक

इंदौर। प्रदेश की साहित्यिक राजधानी इंदौर में साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश शासन द्वारा देअविवि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कम्प्यूटर साइंस विभाग में साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं का दो दिवसीय समागम आयोजित किया गया, जिसमें देश के कई स्थानों से सम्पादक सम्मिलित हुए।

प्रथम दिवस ’देश समाज के प्रति दायित्व बोध’ से आरम्भ हुआ यह समागम पत्रिका के कलेवर और लेआउट की जानकारी देते हुए कार्टून शाला तक पहुँचा, फिर प्रसार संख्या की चिंता व्यक्त करते हुए नई तकनीक के प्रयोग की तरफ़ बढ़ता रहा। फिर कुछ पत्र-पत्रिकाओं के संपादकों ने परिचय दिया। इसके बाद दूसरे दिन का प्रारंभ ’छपास की भूख के बीच संपादक धर्म का चीरहरण’ पर बात हुई।
फिर निदेशक साहित्य अकादमी डॉ. विकास दवे ने विज्ञापन, सरकारी प्रक्रियाएँ और अन्य संस्थाओं के द्वारा कैसे सहायता मिल सकती है? कैसे अनुदान मिल सकता है? इस विषय पर संबोधित किया।
आयोजन में साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादकों ने अपने मीडिया संस्था के बारे में नवाचार इत्यादि के बारे में बताया।
इस सम्मेलन में मासिक साहित्यग्राम व मातृभाषा डॉट कॉम के प्रतिनिधियों ने भी सहभाग किया। आयोजन का संयोजन राकेश सिंह ने व संचालन अमन व्यास ने किया।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।