चलते चले जा रहे, कुछ पाने के लिए। मंजील का पता नही, फिर भी चले जा रहे है। सोच कर की कभी तो, हमे मंजील मिलेगी। और इसी आशा में, जिंदगी जिये जा रहे है।। जीवन का लक्ष्य हम, एक दिन जरूर पाएंगे। कहने से पहले, कर के दिखाएंगे। और […]

मिलना बिछड़ना यारों, जिंदगी का एक पहलू है। वहां तुम तड़प रहे हो, यहां हम तड़प रहे है। मदहोश ये निगाहें, तुमको ही खोज रही है। जिसे तुम देख रहे हो, वो तेरे सामने खड़ा है।। किस्सा ये मोहब्बत का, किसने शुरू किया है। दिल बहुत मचलता, जब सामने से […]

याद आ रहे है हमे, वो बचपन के दिन। जिसमे न कोई चिंता, और न ही कोई गम। जब जैसा जहां मिला, खा पीर हो गए मस्त। न कोई जाति का झंझट, न कोई ऊंच नीच का भेद। सब से मिलकर रहते थे, जैसे अपनो के बीच । पर जैसे-2 […]

सशक्त है बदलाव में धरा का दर्द ज्ञात नहीं जुड़ाव संस्कृति से था जो वो हमे अब भाता नहीं बदलाव सिर्फ बदलाव अच्छे से बुरे की ओर जा रहे ओर मान रहे बदलाव इस बदलाव ने धरा का छीन लिया मान दर्द सिर्फ धरा का नहीं शीन हो गए सभी […]

खुशियों का देखा खुमार बचपन में आपस मे है कितना प्यार बचपन में बच्चे बच्चे मोहब्ब्त कितनी लुटाते है लगा खुशियों का अम्बार बचपन में कट्टी कभी मिठ्ठी भी होती रहती साथी पर है ऐतबार बचपन में याद आते है वो स्कूल वाले दिन होता नहीं कोई लाचार बचपन में […]

ज्ञान और ध्यान का, हो जाये यदि मिलन। सार्थिक हो जाएगा, तुम्हारा ये जीवन। ऐसा में नही कहता, कह रहे सारे विद्दमान। अब तुम्हे ही करना है, अपने जीवन का फैसला।। मन तुम्हारा क्या कहता, जान लो तुम सोचकर। करना क्या आगे तुम्हें, खुद तुम ही सोच लो। अपनी करनी […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।