#साझा_संग्रह~ काव्य मञ्जरी #सम्पादक~#सुरेश_सौरभ #प्रकाशक~#नमन_प्रकाशन,लखनऊ #समीक्षक~#संदीप_सरस(9450382515) लखीमपुर जनपद के चर्चित साहित्यकार सुरेश सौरभ के समर्थ सम्पादन में एक बार फिर लगभग साठ रचनाकारों की रचनाओं का संकलन काव्य मञ्जरी के रूप में प्रकाशित होकर पाठको के सम्मुख है। सबसे बड़ी बात यह है संकलन में उन्होंने जहां एक ओर वरिष्ठ […]

पुस्तक समीक्षा: गहरे भावों की कविताएं हैं मृदुला की डाक्टर मृदुला शुक्ला की कविताएं सहजता से पाठकों के हृदय की बात करती प्रतीत होती हैं। ‘शतदल’ शीघ्र प्रकाशित होकर आया उनका यह संग्रह हिंदी काव्य जगत में अपनी गहरी पहचान बना रहा है। इससे पहले मृदुला के दो काव्य संग्रह […]

पुस्तक समीक्षा पुस्तक – वाजपेयी – एक राजनेता के अज्ञात पहलू लेखक – उल्लेख एन.पी अनुवाद – महेंद्र नारायण सिंह यादव कीमत – रू. 350मात्र प्रकाशक – मंजुल पब्लिशिंग हाउस ‘भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय प्रधानमंत्रियों में से एक पर रोचक पुस्तक’ – इस पुस्तक के विषय में वॉल्टर ऐंडरसन ने […]

ये दिन कर्फ्यू के हैं काव्य-संग्रह : स्वाति श्वेता संस्करण : प्रथम 2018 प्रकाशक : भारत पुस्तक भंडार, दिल्ली पृष्ठ संख्या : 100 मूल्य : 250 /- रुपए *********************** संवेदनशील कवियित्री स्वाति श्वेता जी का सद्य प्रकाशित प्रथम काव्य संग्रह जिसमें आपने अपने आसपास नज़र आ रही संवेदन शून्यता को […]

पुस्तक समीक्षा – ” को अहम ” लेखक – अशोक जमनानी प्रकाशक – श्रीरंग प्रकाशन , होशंगाबाद मूल्य – ₹250 /- जिज्ञासाओं के समाधान और कर्मपथ की प्रेरणा देता है , उपन्यास – को अहम साहित्य के क्षेत्र में नर्मदांचल के युवा रचनाकार अशोक जमनानी अब अनजाना नाम नही है। […]

पुस्तक समीक्षा – सच , समय और साक्ष्य  शिवना प्रकाशन , सीहोर । मूल्य – 175 ₹  कोमलता से चुभन का यथार्थ एहसास कराती हैं शैलेन्द्र की कविताएं बैंक प्रबंधक के पद पर रह कर वित्तीय आंकड़ों में उलझते- सुलझते सेवानिवृत हुए प्रेम और मानवीय संवेदनाओं के कुशल चितेरे कवि […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।