नेताजी, गरीबी में गीला आटा, हाल बेहाल है। आप तो उड़ाईए, बाप  का माल  है॥ यहां तो हर हाल में कटता खरबूजा है, एक  पेट  है भरा तो ,भूखा  है दूजा उत्तर कौन देगा ? कई  सवाल  है। आप तो उड़ाईए, बाप का  माल है॥ कहने को प्रजातंत्र जनता परेशान […]

कूकर कौआ लोमड़ी,ये होते बदजात। लठ्ठ से इनको मारिए,तब ये सुनते बात। तब ये सुनते बात,पाक है लोमड़ ऐसा। छाती पर हो लात,बिलखता कूकर जैसा। कह सुशील कविराय,मिटा दो पाक का हौआ। घुसकर मारो आज,भगा दो कूकर कौआ। सीमा पर सेना लड़े,घर उजाड़ें गद्दार। कश्मीर में केसर जहर,कैसे होय उद्धार। […]

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  तुमसे है प्रेम कितना, यह नापने के लिए कोई पैमाना नहीं.. यह बताने के लिए, कोई शब्द भी नहीं.. कोई जतन भी नहीं यह तुम्हें जतलाने के लिए क्योंकि,तुम्हारे और मेरे शब्द व उनके अर्थ तुम्हारी व मेरी भाषा एक हो चुके हैंl   अब मैं तुम्हारी चुप्पी को […]

इंतजार उनका किया बीते दिन और रात। नैना रास्ता देख कर अश्रु करें बरसात। एक हतो हरि संग गयो अब बेमन हम लोग। पल-पल छिन-छिन मर जिएं कैसे कटे वियोग। राधा ऐसी बावरी कान्हा प्रीत लगाय। वृंदावन के बीच में कान्हा-कान्हा गाय। ऊधो कान्हा से कहो क्यों बिसरायो मोय। जन्म-जन्म […]

सूरज आग उगलता जाए, आग की आंधी चलती है। धू-धू करके दिन जलता है, ‘निर्झर’ रात सुलगती है ।। जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, बढ़ती जाती  है गर्मी। तन पर कपड़े सहे न जाएं,न पहने तो बेशर्मी ।। धूप दुपहरी का क्या कहना,छाया में भी चैन नहीं। जो तन-मन को शीतल […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।