आज एक व्यक्ति चिलचिलाती धूप में खूब नाचता, गाता, झूमता, तालियाँ बजाता हुआ उछल-कूद कर रहा था, उसे खुद अपनी सुध-बुध तक न थी। लगभग 40, 50 व्यक्ति और थे, जो उसका साथ पूरी ईमानदारी के साथ दे रहे थे झूमने, नाचने, गाने में धुत होकर। एक बुज़ुर्ग प्रतिष्ठित महिला […]

प्रशिक्षण कालेज के पहले ही दिन मेरा सामना कालेज की एक प्यारी सी लड़की से हुआ, मुझे भविष्य के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था कि कभी हम इस ठाकुराइन से इतना प्यार करने लगेंगे की जान भी दे सकते हैं। बात करने की हिम्मत तो कभी होती नहीं […]

“मैं केक नहीं काटूँगी।” उसने यह शब्द कहे तो थे सहज अंदाज में, लेकिन सुनते ही पूरे घर में झिलमिलाती रोशनी ज्यों गतिहीन सी हो गयी। उसका अठारहवाँ जन्मदिन मना रहे परिवारजनों, दोस्तों, आस-पड़ौसियों और नाते-रिश्तेदारों की आँखें अंगदी पैर की तरह ताज्जुब से उसके चेहरे पर स्थित हो गयीं […]

     कुण्डलपुर गाँव में आज एक ही चर्चा थी सेठ धनपत राय के चारों बेटे ने अपना अपना हिस्सा ले लिया। सेठजी की धन दौलत मकान दुकान सोना चाँदी का आज बँटवारा हो गया। छोटे से लेकर बड़ों तक  गाँव के लोगों में बस एक ही चर्चा थी। नाई […]

उसे दुख की झुलसाने वाली लपट ने पकड़ लिया था। वह तेज धूप में सूखी लकड़ी की तरह जलती हुई चटख रही थी। उसने दीवारों से अपना सिर  टकराया। वह रोई, बिलखी और गला फाड़कर घिघियाई। वह अपने सिर के उलझे-गुलझे बालों को नचा-नचाकर छत की ओर मुँह करके चींखी–“आख़िर, […]

कोमल का आज इंटरव्यू था ।अपनी पूरी तैयारी के साथ उसने सभी प्रश्नों के उत्तर दिए ।उसे उम्मीद थी कि यह जॉब उसे ही मिलेगी । पेनल ने कोमल का नाम सिलेक्ट भी कर लिया था। लंच में  पैनल के एक बड़े अधिकारी ने कोमल को अकेले अपने केबिन में […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।