हिन्दी भक्ति काव्य मीराबाई, कबीर और संत रविदास ने रचे थे | वो शिक्षा में पारंगत न होने के बावजूद एक उमदा भक्ति काव्य समाज को दिया गया है | सामाजिक चेतना और आध्त्यात्मिकता की ओर ले जाने वाले ये हिन्दी भक्ति काव्य ने भारत में संस्कृति का सिंचन किया […]

सियासत शर्मिंदा भी नहीं, इंसान फरिश्ता भी नहीं, मौका मिलने पर दोनों गुस्ताखियां कर ही जाते है।  ऊपर लिखी लाइन अगर पढ़कर नीचे पढ़ने का विचार बना चुके है तो आपके वक़्त को किसी चुनावी सभा कि तरह भेंट नहीं चढ़ाऊंगा। सोशल मीडिया को हम आप मनोरंजन का जरिया समझ […]

हिमालया की और ऊपर मे एक बस ढलान पर जा रहा था, उसमे एक किसान अपनी पत्नी के साथ सफर कर रहा था! बस पर्वत पर आगे बढ़ रहा था! किसान ने कंडक्टर को बिनती की, कि उसे बीच में अपने गांव के पास उतारा जाय, कंडक्टर ने आगे बढ़कर […]

जमना चाची के पति की मौत हो गई! उन्हे तीन बेटे थे और 4 बेटियाँ भी थी! बेटियाँ की शादी हो चुकी थी! नदी के किनारे गांव में रहते थे, खेती के लिए जमीन थी उसमे बारिश न होने के कारण फसल नहीं होती थी!, एक साल बाद उनकी जमीन […]

अहमदाबाद के नजदीकी गाँव, नदी किनारे स्थित था | उस गाँव में संजय और सारिका दोनों सुख चेन से रहते थे | दोनों में गहरा प्यार था | इस वजह से संजय और सारिका ने प्रेम शादी किया था | संजय पोलिस की नौकरी करता था | संजय और सारिका […]

हिन्दी भक्ति काव्य मीराबाई, कबीर और संत रविदास ने रचे थे | वो शिक्षा में पारंगत न होने के बावजूद एक उमदा भक्ति काव्य समाज को दिया गया है | सामाजिक चेतना और आध्त्यात्मिकता की ओर ले जाने वाले ये हिन्दी भक्ति काव्य ने भारत में संस्कृति का सिंचन किया […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।