डॉ जैन को पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित इंदौर। हिंदी प्रचार के लिए प्रतिबद्ध मातृभाषा उन्नयन संस्थान की वार्षिक साधारण सभा रविवार को दोपहर चार बजे डिजिटल रूप से आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ ने की। शारदे वंदना से आरंभ साधारण सभा का […]

हिंदी कवि सम्मेलन मंचों पर गीतों की मिठास है नरेंद्रपाल जैन इंदौर। राजस्थान की धरती ने साहित्य और देश को न केवल शौर्य और बलिदान सौंपा है बल्कि ऐसे हीरे भी दिए है जिनका कार्य, लेखन और सक्रिय कर्मठता आज काबिल ए तारीफ़ हैं। हिंदी कवि सम्मेलनों के मंच जिसकी […]

योग-यज्ञ कर लिया चीनी बहिष्कार का संकल्प, सत्यार्थ प्रकाश के परीक्षार्थियों को किया पुरुस्कृत जारीकर्ता विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता, विश्व हिंदू परिषद Post Views: 60

योग दिवस के उपलक्ष्य में एम एम फाउंडेशन द्वारा  ऑनलाइन योगा कार्यक्रम का आयोजन बड़े के साथ किया  गया।जिसमे देशभर से 50 से अधिक साथियो में योग करते हुए अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।एम एम फाउंडेशन कि संस्थापिका पायल बेदी में बताया कि ।  इस दौरान  फेसबुक लाइव ले माध्यम से […]

इंदौर। वर्तमान समय में जिस तरह से भारतीय बोलियाँ और भाषाएँ विलुप्त होती जा रही है यह निश्चित तौर पर चिंता का विषय है इसके साथ ही यह चिंता हिंदी के लिए भी है। उक्त बात रविवार को आयोजित एक शाम हिंदी के नाम में मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय […]

गाँधी पीस फाउंडेशन की ओर से दिनांक 18 जून 2020 को शाम 5 बजे महात्मा गांधी जी की 150 वी जन्म जयंती उत्सव पर ऑन लाइन सम्मान कार्य क्रम आयोजित किया गया था, जिस में स्वच्छता अभियान से जुड़े और सामाजिक कार्य कर एवं साहित्यकारों का सम्मान प्रदान आदरणीय श्री […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।