लफ्ज़-ओ-लिहाज़ कवि सम्मेलन सम्पन्न इंदौर। गत दिवस साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था “हुनर” एवं “स्थाई” के तत्वावधान में स्थानीय कुंती मोहन माथुर सभागार में कवि सम्मेलन “लफ़्ज़-ओ-लिहाज़” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ रहें। सर्वप्रथम अतिथियों ने दीप […]

हिसार | कोरोना महामारी के संकट दौर के चलते लगभग एक वर्ष बाद समग्र सेवा संस्थान, सिरसा द्वारा श्री युवक साहित्य सदन, सिरसा में 28 फ़रवरी 2021 को आयोजित साहित्य विमर्श कार्यक्रम में चौदह पुस्तकों का लोकार्पण, चर्चा-परिचर्चा, समीक्षा प्रस्तुति, मान-सम्मान, गीत-संगीत आदि का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य […]

आगरा । बटेश्वर तीर्थ बाह तहसील में महाशिवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर साझा संकलन – कालेश्वर ज्योति का विमोचन मुख्य पुजारी श्री जय प्रकाश गोस्वामी, बाह सी. ओ. श्री प्रदीप कुमार, विष्णु प्रताप वर्मा ( समाज सेवी), बालकिशन वर्मा (पत्रकार- हिंदुस्तान), अवधेश कुमार निषाद मझवार ( युवा कलमकार ), […]

श्री पंत और डॉ. दवे हिन्दी गौरव अलंकरण से होंगे विभूषित इंदौर। हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए प्रतिबद्ध ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ आज रविवार स्थानीय साउथ एवेन्यू हॉटल में दोपहर 3 बजे से हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह आयोजित करने जा रहा हैं। वर्ष 2021 के हिन्दी गौरव अलंकरण चयन समिति […]

मातृभाषा के प्रयोग से ही सर्वांगीण विकास संभव : डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’ नारनौल। मातृभाषा बच्चे के लिए टॉनिक के समान होती है, जो उसमें आत्म-शक्ति के साथ आत्म-विश्वास और आत्म-गौरव का भाव भी पैदा करती है। यह कहना है वीबीएस पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर (उत्तर प्रदेश) की कुलपति डॉ. निर्मला […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।