नई दिल्ली जनवरी 24, 2020। विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय महासचिव श्री मिलिंद परांडे ने आज कहा है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में किए जा रहे कथित प्रदर्शनों की आड़ में हिंसा का जो नंगा नाच देश भर में किया जा रहा है, वह अब असहनीय बनता जा […]

इंदौर। मातृभाषा उन्नयन संस्थान को 11 लाख लोगों के हस्ताक्षर हिंदी में परिवर्तित करवाने के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन द्वारा दिल्ली में मिले विश्व कीर्तिमान के लिए इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ एवं दल से भेंट कर शुभेच्छाएँ प्रदान […]

इंदौर । हिंदी लेखक व मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.अर्पण जैन अविचल की पुस्तक ‘वारांगना-व्यथांजलि’ का विमोचन दिल्ली पुस्तक मेले में 11 जनवरी को लेखक मंच पर डॉ.वेदप्रताप वैदिक,पद्मश्री डॉ सुरेंद्र शर्मा,डॉ कुँवर बैचैन, डॉ दिविक रमेश, डॉ दिवाकर शुक्ल, स्वामी विदेह देव जी, प्रो राजीव शर्मा, संतोष […]

इंदौर । हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे मातृभाषा उन्नयन संस्थान को दिल्ली में चल रहे विश्व पुस्तक मेला 2020 में शनिवार को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन द्वारा 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाने के लिए विश्व कीर्तिमान दिया। […]

सोंधी माटी लोनी बघेली साहित्यिक मंच सीधी मध्यप्रदेश द्वारा नये साल के पूर्व संध्या में आयोजित ऑनलाइन कवि सम्मेलन में सम्मिलित कवियों को 08 जनवरी 2020 को बघेली रत्न से सम्मानित किया गया,उपस्थित कवियों में हरि विलास हरि,अरुण पयासी ,सीताशरण गुप्त,अंजनी सिंह सौरभ डॉ.यू बी एस परिहार ,शिवपाल तिवारी, रामसुख […]

इंदौर । हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे मातृभाषा उन्नयन संस्थान को दिल्ली में चल रहे विश्व पुस्तक मेला 2020 में शनिवार को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन द्वारा 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाने के लिए विश्व कीर्तिमान दिया। […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।