कार्यक्रम निर्देशक नवीन कुमार भट्ट नीर ने गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए बताया की साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा बोली विकास मंच मंच पर 05 जुलाई 2020 रविवार को बोली संवर्धन ऑनलाइन वीडियो कवि सम्मेलन सम्पन्न हुआ, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आद डॉ राकेश सक्सेना जी एटा उत्तर प्रदेश, […]

हिसार | नवोदित लेखकों को मंच प्रदान कराने के उद्देश्य से पिछले इक्कीस साल से चलाए जा रहे मासिक काव्य गोष्ठी कार्यक्रम के अन्तर्गत नगर की प्रमुख साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था प्रेरणा परिवार की जुलाई माह की मासिक काव्य गोष्ठी स्थानीय टाऊन पार्क में संस्था निदेशक शुभकरण गौड़ की अध्यक्षता […]

राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान(रजिं) के  तत्वधान में महा कवि सम्मेलन संपन्न हुआ ! 5 जुलाई 2020 रविवार को पूरे भारत के 86 कवियों द्वारा गुरु की महिमामंडन का अपनी रचनाओं द्वारा अलग-अलग तरीकों एवं अलग-अलग अंदाज में किया गया संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवल पाल प्रभाकर ‘दिनकर’ जी के उपस्थिति […]

इंदौर। सर्वोदय अहिंसा ट्रस्ट एवं मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा गुरुवार को डिजिटल परिचर्चा ‘रसानुभूति’ का आयोजन किया गया जिसमें भोपाल के वरिष्ठ साहित्यकार  मनोज जैन मधुर एवं मुम्बई के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. महेन्द्र जैन मुकुर बतौर वक्ता सम्मिलित हुए, परिचर्चा का संचालन भोपाल दूरदर्शन के एंकर व संपादक अंकुर शास्त्री […]

रुड़की | ख्यातिलब्ध शिक्षाविद डॉ योगेंद्र नाथ शर्मा ‘अरुण’ को भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय से सम्बद्ध नेशनल बुक ट्रस्ट के ट्रस्टी व एक्जीक्यूटिव मेम्बर के रूप में तीन वर्ष के लिए नियुक्त किया गया है।साहित्यकार श्रीगोपाल नारसन ने बताया कि नेशनल बुक ट्रस्ट ने देशभर के शिक्षाविदों,साहित्यकारों ,लेखको […]

गुरव समाज की महिलाओं द्वारा घर पर ही हर्बल सेनेटाइजर बना कर उपयोग किया जा रहा है। अपने आसपास उपलब्ध बहुमूल्य निशुल्क साधनों से सबसे सस्ता, सुंदर और लाभदायक स्वदेशी स्वनिर्मित हर्बल सेनीटाईज़र बनाया जा रहा है। उन्हें यह प्रेणना प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर अभियान लोकल फ़ॉर वोकल से मिली […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।