भारतीय बाल साहित्य में वर्षों से ’चंदा मामा’ को इसी विशेषण के साथ हम सब ने प्रेम से मामा का स्थान दिया है। इसी रिश्ते को बलवती बनाते हुए सैंकड़ो कविताएँ रची गईं। कभी पूर्णिमा से अमावस की ओर जाते मामा को रूठते हुए मामा कहा गया तो कभी तिथि […]

इंदौर ने दिये भारतीय पत्रकारिता को चमकते सितारे: प्रो. द्विवेदी इंदौर। इंदौर के पत्रकारों ने युग प्रवर्तन किया है। भाषा, भाव और संदेश का जितना सुंदर समन्वय इंदौर की पत्रकारिता करती है उतना कहीं और नहीं हो सकता। यह शहर सभी को आत्मसात करता है। इंदौर के लोग मूल्यों के […]

मातृभाषा, अनवरत एवं इन्दौर टॉक ने मनाया आज़ादी उत्सव इन्दौर। कवि सम्मेलन शताब्दी वर्ष निमित्त स्वतंत्रता उत्सव के रूप में बुधवार को मातृभाषा, अनवरत थिएटर एवं इन्दौर टॉक ने काव्य उत्सव आयोजित किया, जिसमें कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से भारत के स्वाधीनता समर का स्मरण किया। कार्यक्रम में […]

इन्दौर। रिसर्च फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा सितम्बर माह में 23 से 25 सितम्बर तक ‘इन्दौर शिक्षा महोत्सव’ का आयोजन किया जाना है। आयोजन को लेकर प्रथम बैठक का आयोजन रविवार को किया गया। इस बैठक में महोत्सव से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इस बैठक में मार्गदर्शक तथा अतिथि […]

भोपाल। उन्मेष अंतरराष्ट्रीय साहित्योत्सव के तृतीय दिवस में नीलांबरी सभागार में आयोजित सत्र ‘बच्चों के साहित्य का अनुवाद’, विषय पर केंद्रित था। सत्र की अध्यक्षता तपन बंदोपाध्याय ने की एवं आपने कहा कि बच्चों के मस्तिष्क में अद्भुत क्षमता होती है कि वो शब्दों को बहुत अच्छी तरह से समझ […]

इन्दौर । मिनी बॉम्बे कहलाने वाले शहर इंदौर के प्रेस क्लब, MTH कंपाउंड में रविवार की शाम टीम फेक’था ने ‘जश्न-ए-फेकथा’ का सफल आयोजन किया, जिसमें कई तरह की कविताएं, म्यूजिकल परफॉर्मेंस, ग्रुप और पैनल डिस्कशन, थियेटर प्रस्तुतियां हुईं। कार्यक्रम में देश-प्रदेश और स्थानीय कलाकारों तथा वायलिंटरर्स ने भाग लिया। […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।