कागज़ पर कलम से खुद को सींचना यानी अदिति भादौरिया की कविताएं -कमलेश भारतीय अदिति भादौरिया फेसबुक पर मिलीं और पाठक मंच से भी जुड़ीं। एक पत्रिका की सहसंपादिका भी बनीं और लघुकथा में भी सक्रिय हैं। पहला पहला कविता संग्रह आया है- खामोशियों की गूंज। आखिर इन खामोशियों की […]

चार दिन जिंदगी है सुना था मगर तीसरा दिन गया है बिना बात के… जब कोई ऐसा काम करना पड़े जिसका मन न हो तो आँखे खिड़की के बाहर कहानियाँ तलाशती हैं। एक ऐसे ही दिन खिड़की के बाहर मैंने देखा गुलमोहर का पेड़ और 3 घंटे तक कल्पेश जी […]

हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह सम्पन्न हिन्दी में हस्ताक्षर करना गर्व का कार्य- डॉ. वैदिक हिन्दी का गौरव यज्ञ है अलंकरण इंदौर। इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित आज हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह में वरिष्ठ पत्रकार एवं विचारक श्री कृष्णकुमार अष्ठाना एवं वरिष्ठ कथाकार व लेखिका डॉ. कृष्णा अग्निहोत्री को मातृभाषा उन्नयन […]

हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह रविवार को इंदौर। हिन्दी भाषा के विस्तार और विकास के लिए हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए प्रतिबद्ध ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ का प्रतिष्ठा प्रसंग रविवार को राजेन्द्र माथुर सभागार, इन्दौर प्रेस क्लब में अपराह्न 4 बजे से हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह आयोजित किया जाएगा। जिसमें मुख्य […]

मातृभाषा दिवस पर आयोजित हुआ एक अनूठा कार्यक्रम, नागपुर । अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य पर कल 21 फरवरी को हिंदी की पाठशाला एवं इंडियन ट्रांस्लेटर्स ग्रुप की संस्थापक एकं निदेशक लतिका चावड़ा द्वारा एक अनूठे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहाँ देश भर के संस्थानों में मातृभाषा पर कविता […]

इन्दौर। रविवार को प्रोफेसर अखिलेश राव की प्रथम कृति का लोकार्पण आनंद माथुर प्रेस क्लब में संस्था रंजन कलश एवं रुक्मणी देवी वेलफेयर सोसायटी के सम्मिलित तत्वाधान में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ विकास दवे ,निदेशक साहित्य अकादमी भोपाल ने की मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार श्री […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।