भारती जवान हैं

0 0
Read Time39 Second
pankaj
प्यारे-प्यारे देश की हम आन-बान-शान हैं,
सीना ताने सरहदों पे भारती जवान हैं।
हम कदम-कदम करेंगे देख-भाल रात-दिन,
हाथ में लिए तिरंगा इसके पासबान हैं॥
कोई ग़म नहीं है जान जाए इसके वास्ते,
हम हथेलियों पे ले के फिरते अपनी जान हैं॥
एकता की ताकतों से हौंसला बुलंद है,
मातृभूमि के सपूत हम बड़े महान हैं॥
इसको लहलहाएंगे ‘पंकज’ हमेशा खून से,
ये हमारा गुलसिताँ,हम इसके बागबान हैं॥
#पंकज सिद्धार्थ

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

जिन्दगी का झरोखा

Mon Jan 22 , 2018
जिन्दगी का झरोखा, जीवन में प्रकाश की किरणें दिखाता है। कभी उजाला कभी, अंधेरा होता है। सुख-दुख भी, उजाले-अंधेरों की तरह आते-जाते हैं। जीवन के संग्राम, को पार लगाते हैं। इन्सान जीवन की, मोह-माया में भटकता रहता है। अपने-पराए में, हमेशा लगा रहता है। तेरा-मेरा के भेद का, भाव करता […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।