एक सजीव चित्रण है : डॉ. पी. पी. सिन्हा अभिनन्दन ग्रंथ

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संपादक अतुल मल्लिक ‘अनजान’ जी के श्रेष्ठ सम्पादन में प्रकाशित डॉ. पी. पी. सिन्हा अभिनन्दन ग्रंथ एक सजीव चित्रण है | 392 पृष्ठों से सजा आकर्षक मुखपृष्ट सहित डॉ. पी. पी. सिन्हा जी के व्यक्तित्व व कृतित्व का पूरा चलचित्र सा आभास कराता है यह सुंदर अभिनन्दन ग्रंथ | देशभर के कलमकारों के विचार व प्रतिष्ठित महानुभावों के शुभकामना संदेश एवं डॉ. पी. पी. सिन्हा जी की तमाम रचनाएं व ढेरसारे रंगीन छायाचित्र संग्रहित हैं |

युवा संपादक अतुल जी ने ग्रंथ के निर्माण में काफी मेहनत की है | कहीं भी प्रूफ की गलतियां देखने को नहीं मिलती | वहीं आकर्षक सजावट से ग्रंथ की प्रस्तुति काबिले तारीफ है | संपादक जी व उनकी पूरी टीम बधाई की पात्र है |

नेकदिल इंसान डॉ. पी. पी. सिन्हा जी के सम्मान में प्रकाशित अभिनन्दन ग्रंथ इस बात का सबूत है कि डॉ. पी. पी. सिन्हा जी की कलम का प्रकाश सम्पूर्ण धरा को प्रकाशित कर रहा है | एक ओजस्वी वक्ता, कलम के धनी डॉ पी. पी. सिन्हा जी अपनी रचनाओं के माध्यम से मानवजाति की वकालत करते नजर आते हैं | उनकी रचनाओं में मानवी पीड़ा स्पष्ट झलकती है |

पठनीय व संग्रहणीय ग्रंथ के प्रकाशन के लिए पुनः संपादकजी व उनकी पूरी टीम को साधुवाद |

पुस्तक – डॉ. पी. पी. सिन्हा अभिनन्दन ग्रंथ
संपादक – अतुल मल्लिक अनजान
प्रकाशन वर्ष – 2020
पुस्तक परिचय – मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
फतेहाबाद, आगरा

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।