केन्द्रीय विद्यालय संगठन ने सुनील चौरसिया को किया सम्मानित

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केन्द्रीय विद्यालय संगठन मुख्यालय, नई दिल्ली एवं क्षेत्रीय कार्यालय तिनसुकिया, असम ने कोरोना काल के विषम परिस्थितियों में आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा जगत में  अपनी सराहनीय एवं महती भूमिका निभाने वाले देश के विभिन्न राज्यों के  25 सक्रिय एवं सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों की सूची में केंद्रीय विद्यालय टेंगा वैली, पश्चिम कमेंग, अरुणाचल प्रदेश के स्नातकोत्तर हिन्दी शिक्षक सुनील चौरसिया को भी सम्मानजनक स्थान प्रदान किया है।
ग्राम- अमवा बाजार, थाना- रामकोला, जिला- कुशीनगर, उत्तर प्रदेश निवासी सुनील चौरसिया ने कोरोना काल में अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से गेय शैली में रुचिकर एवं आकर्षक  वीडियो बनाकर शिक्षार्थियों को अनवरत हिन्दी पढ़ाया और लॉकडाउन में निरंतर उनका मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन किया । साथ ही साथ केयर टेकर ऑफिसर सुनील ने एनसीसी कैडेट्स को भी ऑनलाइन प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर भारत के संदेशों को एवं कोरोना विषाणु से संबंधित सरकारी दिशानिर्देशों को जन जन तक पहुंचाने हेतु उन्हें प्रेरित किया। पाठ्य सहगामी क्रिया कलाप प्रभारी सुनील ने विविध कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना का भाव विकसित करने का हर संभव प्रयास किया। आप साहित्यकार एवं संपादक भी हैं जिन्होंने अपने विद्यालय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों नौरीन माहिया, कृष प्रसाद, लेहा सारकी, श्रेया इत्यादि की रचनाओं एवं कलाकृतियों को भी देश- विदेश की पत्रिकाओं में प्रकाशित कर उनकी प्रतिभा में निखार लाया। जिसके लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन, नयी दिल्ली ने उन्हें सम्मानित किया। इस उपलब्धि एवं सम्मान का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता श्री राम केवल और उर्मिला देवी एवं मार्गदर्शकगण श्री वीके बेहरा (प्रभारी उपायुक्त) श्री समाज जोगलेकर (सहायक आयुक्त) एवं श्री रामकिशोर मीणा (प्राचार्य) को दिया।    सम्मानित शिक्षक सुनील चौरसिया के गांव में एवं दोस्तों में खुशियों की लहर है। विजय चौरसिया, अखिलेश बिन्द , दोल बहादुर थापा, विजय पधान, प्रियंका दास इत्यादि ने बधाइयां एवं शुभकामनाएं दी।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।