11 बार हनुमान चालीसा का पाठ कर घरों में ही मनाएं हनुमान जयंती: विहिप

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    नई दिल्ली, अप्रैल 7, 2020। विश्व हिन्दू परिषद द्वारा वर्ष प्रतिपदा से पूर्णिमा, हनुमान जयंती (25 मार्च से 08 अप्रैल) तक प्रत्येक ग्राम में रामोत्सव मनाने का तय किया गया था। कोरोना महामारी के कारण हनुमान जयंती का उत्सव भी अपने-अपने परिवारों में ही मनाना है। इसलिए देशभर में सभी लोग 08 अप्रैल को प्रातः सूर्योदय के समय परिवार के सभी सदस्य निश्चित दूरी पर बैठकर 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ कर हनुमान जी की आरती करें व प्रसाद ग्रहण करें।
   सरकारी निर्देशों का पालन करते हुए देशभर में अधिक से अधिक गाँवों में तथा अधिक से अधिक परिवारों में हनुमान जयंती का पावन महोत्सव मनाएँ, यही आह्वान है। हम बजरंग दल के आराध्य बजरंग बली की जयंती को बलोपासना दिवस के रूप में प्रतिवर्ष मनाते आये हैं। श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन में से बजरंग दल व दुर्गावाहिनी की स्थापना हुई है। अयोध्या में जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के साथ ही आन्दोलन पूर्ण होगा। हनुमत शक्ति के जागरण से यह कार्य सफल हो रहा है।

   श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति हेतु बलिदान हुए सभी हुतात्माओं का पावन स्मरण कर श्री हनुमान जी से कामना करें कि मंदिर निर्माण कार्य शीघ्र निर्विघ्न सम्पन्न् हो तथा कोरोना महामारी से भारत को शीघ्र मुक्ति मिले।

जारीकर्ता
विनोद बंसल
(राष्ट्रीय प्रवक्ता, विश्व हिंदू परिषद)

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।