माँ

Read Time4Seconds

जगा देता है माँ को,
प्रातःकाल के कर्तव्य का सूरज,
मध्यान्ह काल में तपता मन
काम के बोझ से,
संध्या में निढाल तन
अस्त होते सूर्य-सा।
सोते वक्त थकान
टूट-टूटकर गिरती है
अस्त-व्यस्त बिस्तर पर।
शयन कक्ष में रात को
दीवारों पर चिपका देती है
दिनभर के काम
और मन की खूंटियों पर
टांग देती है
कल की योजना,
जिसे सुबह होते ही उतार कर
पहन लेती है…..
और इस तरह माँ
बिना अवकाश लिये
प्यार, ममता और वात्सल्य
के बीज बो कर
परिवार के खेत को
सींचती है
स्वयं के त्याग
और थकी हुई मुस्कान से।।

परिचय:
नाम- नरेंद्रपाल जैन
साहित्यिक उपनाम-
वर्तमान पता- ऋषभदेव, उदयपुर
राज्य- राजस्थान
शहर- ऋषभदेव
शिक्षा- स्नातक
कार्यक्षेत्र- डूंगरपुर
विधा – काव्य की सभी विधाएं
प्रकाशन- मनोभाव, गागर, सुनो रहने दो, प्यासे नगमे, जीवन माला।
सम्मान- साहित्य रत्न, साहित्य भूषण, काव्य रत्न, भारतीय राजदूतावास काठमांडो नेपाल द्वारा सम्मान, शब्द साधना गौरव सम्मान आदि।
ब्लॉग-
अन्य उपलब्धियां- 1994 से हिंदी कवि सम्मेलनों में अनवरत भागीदारी, अब तक 200 से अधिक मंचों पर काव्य पाठ।
लेखन का उद्देश्य- हिंदी भाषा की सेवा।

0 0

matruadmin

Next Post

हिन्दी ही हिन्दोस्तां की कलम का सम्मान है

Sun Mar 15 , 2020
विविध भाषा की प्रखरता ज्ञान का बहुमान है । हिन्दी ही हिन्दोस्तां की कलम का सम्मान है ।। माना अंग्रेजी को हमने विकास का पर्याय है आधुनिकता का यह प्रमुख प्रथम अध्याय है दिलों को जो जोडे़ वो हिन्दी हमारी जान है हिन्दी ही हिन्दोस्तां की कलम का सम्मान है […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।