
#नाम- ओम प्रकाश सरगरासाहित्यिक उपनाम- ओम अंकुरवर्तमान पता- भीलवाड़ा राजस्थानशिक्षा- शास्त्री , शिक्षा शास्त्री ,आचार्य , संस्कृत साहित्यकार्यक्षेत्र- शिक्षा विभाग के साथ शैक्षिक नवाचारो पर अकादमिक ,तकनीकी समर्थनविधा -गद्य ,पद्य ,चम्पू (गीत , कविताएं ,कहानियां ,लेख ,मुक्तक आदि )प्रकाशन-थार सप्तक ,बिणजारो ,जागती जोत ,कथेसर ,साहित्यांचल आदि ।सम्मान- 1.विशिष्ट साहित्यकार -सम्मान 2005 राजस्थान पाठक पीठ जयपुर2.अम्बेकर सेवा पुरस्कार ,दलित साहित्य अकादमी हरियाणा3.युवा कवि पुरस्कार ,भारत विकास परिषद बिजयनगर अजमेरब्लॉग- सृजनांकुर ,कवि ओम अंकुरअन्य उपलब्धियाँ- आकाशवाणी जयपुर तथा दूरदर्शन जयपुर से पिछले 15 वर्षो से समय -समय पर आमंत्रण पर कविता पाठ ।लेखन का उद्देश्य- शिक्षा ओर साहित्य को आम जन तक पहुंचाना तथा लोगो के दर्द का मरहम बनना ।एक मौलिक रचना-शीर्षक *”- जा बिटियॉ जा तुझे विदाई “*

