सूरज मित्र हमारा

Read Time0Seconds
niraj tyagi
ओस से  लिप्त  उगता  सूरज  देख  कर मन हर्षाया है।
ऐसा लग रहा है,जैसे कोई बिछड़ा दोस्त लौट आया है।।
आओ स्वागत करे हाथ उठाकर सूरज का कुछ इस तरह।
जैसे  बिछड़ा  मीत  तुमसे  मिलने  फिर  से  आया  है ।।
आओ आलिंगन करे सूरज का बाहें उठाकर इस तरह।
जैसे    कृष्ण    से    बिछड़ा   सुदामा   आँखो    में    अश्रु    लिए    प्रभु    को   गले   लगाए  ।
सूरज  समान  मित्र  अगर  जीवन  से  जुड़  जाए ।
जीवन का अंधकार फिर , जीवन से दूर हो  जाए ।।
 नीरज त्यागी
ग़ाज़ियाबाद ( उत्तर प्रदेश )
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

जग-मग तारो सी

Sat Nov 17 , 2018
जग-मग तारो सी आज दीप से धरती सजी दीप आस्था की सबके मन से जली। जैसे सबके घर श्रीराम आएँगे माता लक्ष्मी को सँग लाएँगे दीप जला के रखना सभी श्रद्धा भक्ति से दिख ही जाएँगे जग-मग तारो सी आज दीप से धरती सजी दीप आस्था की सबके मन से […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।