आदर्श 

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सुमन रोती हुई बाहर निकली थी, आज उसके आदर्श हीरो ने ही उसकी इज्जत पर हाथ डालने की कोशिश की थी। माँ तो बहुत समझाती थी कि ये हीरो लोग ओर ख़ासकर जिसको तुम आदर्श मान रही हो ठीक नही है, लेकिन जवां हसरतों के आगे सुमन को कुछ नही सूझता था, सूझता था तो बस अपने आदर्श हीरो से मिलना। बड़े मिन्नतों और टाइम के बाद उसके आदर्श हीरो ने आज उसे टाइम दिया था और अपने होटल में बुलाया। सुमन के पैर तो जमीन पर ही नही थे और हों भी क्यों न आखिर उसके आदर्श हीरो ने जो बुलाया था। सुमन सजधज के पहुंची। हीरो ने उसे देखते ही आधुनिक स्टाइल में हग किया और उसके शरीर पर हाथ फेरा। सुमन को लगा कि ये तो आम बात है। लेकिन हीरो ने उसके सामने ही जब शराब पी तो सुमन ने कहा ‘आपने तो एक इंटरव्यू में कहा था कि आप शराब और सिगरेट को हाथ नही लगाते लेकिन आप तो पी रहे है?’ इस पर हीरो हंसा ओर बोला ‘बेबी हम समाज के सामने कुछ और पीछे कुछ और है, ये सब छोड़ो ओर आओ वो करें जिसके लिए तुम मुझसे मिलने को तड़प रही थी’ सुमन के नीचे से जमीन खिसक गई। उसके कानों में सीटियां बज रही थी और उसके आदर्श के बोल उसके कान में गर्म पिघले शीशे की तरह घूम रहे थे। सुमन ने अब अपनी इज्जत बचाने की सोची। हीरो उसकी तरफ बढा तो सुमन तेजी से कमरे से बाहर भागी। हीरो आवाज देता रह गया। सुमन तेजी से होटल से बाहर आ गई। आज उसके झूठे आदर्श से पर्दा उठ गया था। उसने अपने आंसू पोंछे और अपनी माँ की बातों को याद करने लगी। अब वह शांत थी और जल्दी से जल्दी अपनी आदर्श माँ से मिलना चाहती थी।
राजेश मेहरा
नई दिल्ली
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।