Archives for मातृभाषा - Page 2

Uncategorized

वर्गीकृत भारत – लोकतंत्र का विकल्प

           लोकतंत्र की पृष्ठभूमि रचते हुए व्यक्ति के अधिकारों और स्वतंत्रता को पुरज़ोर रूप में स्थापित किया गया । यह कल्पना की गई कि प्रत्येक व्यक्ति…
Continue Reading
Uncategorized

अनिवार्य शिक्षण में शामिल होने से बचेगा हिन्दी का भविष्य

भारत बहु भाषी और बहु सांस्कृतिक समन्वय वाला राष्ट्र है, जहाँ 'कोस-कोस पर बदले पानी, चार कोस पर वाणी' बदल जाती है। किन्तु विगत 50 साल में भारत की क़रीब…
Continue Reading
Uncategorized

लेखनी क्यों कठघरे में

      "लेखनी क्यों कठघरे में " इस बात को ऐसे ही स्पष्ट नहीं किया सकता है । इसके कई ऋणात्मक और धनात्मक कारण हैं।     रचनाकार हमेशा…
Continue Reading
Uncategorized

“खोजना होगा अमृत कलश ” पुस्तक समीक्षा 

काव्य-संग्रह - "खोजना होगा अमृत कलश " कवि - राजकुमार जैन राजन प्रकाशन - अयन प्रकाशन , 1/20 , महरौली , नई दिल्ली - 110030 मूल्य : 240 रुपये संस्करण…
Continue Reading
Uncategorized

सावन के गीतों में परिवारिक संबंधों के नवरस

सावन, नाम सुनते ही मन में राहत की फुहारें से बरस जाती हैं और मन में तैर जाते हैं उमड़ते-घुमड़ते बादल, कूकती कोयल और पंख फैलाए मोर, सेवीयां, घेवर, बागों…
Continue Reading
Uncategorized

55 महिलाएं होगी *वुमन आवाज़ अवार्ड-2018* से सम्मानित।

#3 को मिलेगा अन्तरा शब्दशक्ति विशेष सम्मान। #65 से अधिक किताबों का भी होगा विमोचन। भोपाल। महिला सशक्तिकरण और सक्षमीकरण के लिए कार्यरत संस्थान वुमन आवाज द्वारा पुस्तक लेखन हेतु…
Continue Reading

मातृभाषा को पसंद कर शेयर कर सकते है