इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के तुलनात्मक भाषा एवं संस्कृति अध्ययनशाला, मातृभाषा उन्नयन संस्थान तथा भारतीय भाषा शिक्षण, मालवा प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. प्रीति सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय ‘शिक्षा में रामत्व’ और ‘अनुवाद’ एवं ‘कविता से कमाई’ […]

नर्मदाप्रसाद उपाध्याय और अतुल तारे को मिला हिन्दी गौरव अलंकरण 2026 इच्छाशक्ति के बलवान होने से मातृभाषाओं की समृद्धता होगी- श्री कोकजे हिन्दी के साथ-साथ देवनागरी का साथ ज़रूरी- प्रो. सिंघई हिन्दी के सम्मान के लिए इसे कार्यव्यवहार में लाएँ- प्रो. द्विवेदी साहित्य और कला के अन्तरनुशासन की आवश्यकता- श्री […]

भोपाल। मातृभाषा डॉट कॉम की 9वीं वर्षगाँठ पर प्रकाशित ‘ध्येय यात्रा’ के लिए मध्यप्रदेश के यशस्वी राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए संदेश प्रदान किया।

मातृभाषा डॉट कॉम की 9वीं वर्षगाँठ पर प्रकाशित ‘ध्येय यात्रा’ के लिए मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन जी यादव ने अपना संदेश प्रदान किया।

हिन्दी का भाल है मातृभाषा- श्री कर्दम आवश्यकता है हिन्दी के विस्तार की- अंकुश कुमार इंदौर। हिन्दी के तकनीकी विस्तार के लिए कार्यरत मातृभाषा डॉट कॉम की 9वीं वर्षगाँठ पर रविवार को आनंद मोहन माथुर सभागृह, इन्दौर प्रेस क्लब, इन्दौर में ‘ध्येय यात्रा व कविताई’ का आयोजन किया गया, जिसमें […]

सनावद। मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिन्दी महोत्सव 2025 के अंतर्गत शहर के शिखर लर्निंग सेंटर में हस्ताक्षर बदलो अभियान चलाया। कवि पारस बिरला ने छात्रों को हिन्दी में हस्ताक्षर बदलने के लिए प्रेरित किया। सेंटर के डायरेक्टर त्रिलोक बिरला, स्वाति बिरला, सहयोगी डायरेक्टर जितेन्द्र पाटील, रवि खेड़े, प्राचार्य आरिफ़ खान […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।