तेज रफ़्तार दुनिया में किसी के पास वक्त ही नहीं रहा कि संबंधों का निर्वाह कर सके।दोस्ती के दायरे सिमटकर रह गए हैं।मित्रों के पास भी बाँटने को शेष है तो कुंठाएँ। इन्सान अपना मन कैसे हल्का करे ?कहाँ से बटोरे वो शक्ति जो उसे निराश न करे । सही […]
लघुकथा
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