बीत गई है होली,लोग रंगो को छुड़ाने लगे हैं। अपने चाहने वाले,फिर से याद आने लगे हैं।। पी थी जिन्होंने भंग,उनका नशा उतरने लगा है। क्यों किया था ऐसा काम,उनको अखरने लगा है।। मेहमान जो आए थे,अपने घर को लौटने लगे हैं। उड़ रहे थे जो पक्षी घौसलो में लौटने […]

प्रेम मोहब्बत से भरा, ये रंगों त्यौहार है। जिसमें राधा कृष्ण का जिक्र बेसुमार है। तभी तो आज तक अपनो में स्नेह प्यार है। इसलिए रंगों के त्यौहार को, हर मजहब के लोग मनाते है।। होली आपसी भाईचारे और प्रेमभाव को दर्शाती है। और सात रंगों की फुहार से, 7-फेरो […]

हमने देखे यहां रंग बदलते लोग क़ामयाबी पर किसी की जलते लोग अहसान फ़रामोश भी बहुत मिलेंगे औरों के टुकड़ों पर पलते लोग कामचोर हरामी बहुत निक्कमे देखें कितने पैंतरे बदलते लोग बातों का जिनकी नहीं कोई ठिकाना किये अपने वादों से मुकरते लोग संगीन गुनाहों पर भी लिप्त मिलेंगे […]

पढ़ना लिखना है जरूरी, शिक्षा से ज्ञान की ज्योति जले। शिक्षा बिना है जीवन अधूरा, शिक्षा से जीवन सफल बने। शिक्षा से अर्जुन बनकर, साधो लक्ष्य पे निशाना। कुछ करके दिखाओ ऐसा, नाज करे ये जमाना। देख अड़चने राहों में, पथ से भटक मत जाना। पढ़ना लिखना है……….. चमकी उनकी […]

परमपिता के हम सब बच्चे क्या छोटे क्या बड़े बच्चे सबमे एक से प्राण बसे है क्या गोरे क्या काले बच्चे प्यार आपस मे बस बना रहे क्या लाये थे क्या ले जाएंगे बच्चे बच्चे ही तो स्त्री पुरुष है बनते निरहंकार से सजते है बच्चे स्त्री-पुरूष साथ दोनों चलते […]

इंदौर । हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कार्यरत संस्था ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ की अनुशंसा पर संस्थान के राष्ट्रीय सचिव गणतंत्र ओजस्वी ने हुबली, कर्नाटक के सुप्रसिद्ध पत्रकार एवं हिन्दीसेवी मुकेश बी. तांतेड़ को कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। श्री तांतेड़ […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।