जब जब भी भारत पर कोई दुश्मन गुर्राया है भारत ने उस दुश्मन को धूल में ही मिलाया है भारत हिंसा का नही अहिंसा का अनुयायी है पर जब खतरा मां भारती पर हो तब कड़ा कदम उठाया है भारत के वीर सैनिक दुनिया मे सबसे बहादुर है तिरंगे […]

देश के सूर-वीरों तुम्हें इस देश का सलाम। तुम्हारी वजह से ही आज हम सुरक्षित हैं, अन्यथा दुश्मन देशों की निगाहें भारत के प्रति टेढ़ी ही रहती हैं। वह चाहे ड्रैगन हो अथवा आतंकिस्तान। आज भारत की सेना ने विश्व के सामने अपने शौर्य एवं पराक्रम का एक रूप प्रस्तुत […]

पुलवामा का बदला लिया आतंकी को नष्ट किया बच के रहना आतंकिस्तान हाय,वीरो को सलाम। सेना के शौर्य को देश ने अभिनंदन किया एक वार में सैकडो आतंकी को ढेर किया बच के रहना आतंकिस्तान हाय, वीरो को सलाम। थल में ना जल मे मारा अबकी बार हवाई से हमला […]

उत्तर दिया है मोदी ने घर में घुस के ठोका है , हर वह कुत्ता मार गिराया जो भारत पर भोंका है , पुलवामा का बदला है यह भारत मां का जयकारा है , घर में घुस के आतंकी के पाक को ललकारा है , सौगंध खाई थी मिट्टी की […]

गुरुदेव प्रार्थना है ,अज्ञानता मिटा दो l सच की डगर दिखा, गुरुदेव प्रार्थना है l ॐ विद्यागुरु शरणम , ॐ जैन धर्म शरणम l ॐ अपने अपने गुरु शरणम ll हम है तुम्हारे बालक, कोई नहीं हमारा l मुश्किल पड़ी है जब भी, तुमने दिया सहारा l चरणों में अपने […]

कमतर है तो कूटा कर तगड़ा है तो फूटा कर जज मुंसिफ सब तेरे हैं सच्चे को भी झूठा कर कब तक कागज कोरेगा दिल पर उनके बूटा कर ईमानों की कीमत क्या थोड़ा थोड़ा लूटा कर जख्मों में जो पिन डाले तू भी उसके खूटा कर #दिवाकर Post Views: […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।