बजेंगे ढोल-ताशे भी, बंटेंगे अब बताशे भी। खनक सिक्कों की अब होगी, रौनकें हर कहीं होगी। आया मौसम चुनावों का… कोकिलें अब न कूकेंगी ध्वनि दादुर की गूंजेगी। अपनी ये राग छेड़ेंगे, वादों के तीर छोड़ेंगे। आया मौसम चुनावों का… झूठ के बीज फूटेंगे- शाबासी खूब लूटेंगे, मस्ती के जाम […]

बहुत हुई आवारगी अब तो संभल जाने दो निभाना है मुझे राष्ट्रधर्म मत रोको जाने दो अंधेरा बहुत गहरा है एक चिराग़ जलाने दो खोल दो पिंजरें सारे परिंदों को उड़ जाने दो वे कोई ग़ैर नहीं हैं औलादें हैं मेरी मां की मत रोको उन्हें मेरे गले से लग […]

कितना कुछ इस पंचम काल या कलयुग में होगा या जो हो रहा है , इसे हमारे भगवान की वाणी मे कहा गया कि पंचम काल या कलयुग मे मनुष्य का विवेक खत्म हो जाएगा। वह पशु जैसी सोच रखेगा। यह बात सचसाबित हो गई है और हम सब जैन […]

      हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार कुल इक्यावन शक्तिपीठ हैं।जिनमें से माता सती की नाभि गिरने के कारण यह स्थान मां पूर्णागिरी के नाम से संसार में प्रसिद्ध हुआ। हिमालयी राज्य उत्तराखंड के चम्पावत जिले में स्थित यह अपार स्नेह का केन्द्र निकटवर्ती शहर टनकपुर से इक्कीस किलोमीटर की […]

सदियों से दबी – कुचली आवाज को हुंकार रुप देने वाले धर्मनिरपेक्षता को जीवन्त बनाने वाले कलम को तलवार बनाने वाले महामानव बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर | वर्णव्यवस्था पर शिक्षा का वार करने वाले संविधान रचने वाले समता का उद्घोष करने करने वाले मानवता को सम्भल देने वाले महामानव […]

देश के लिए जिन्होने सुख सुविधाएं छोड़, त्याग जो किया दुनिया को बतलायेंगे। बाबा के बतायें हुए रास्ते पे चलकर, आइये हम मिलके नया भारत बनायेंगे।। जाति धर्म सम्प्रदाय वाली बातें भूल प्यारे, आज इक दूसरे को गले से लगायेंगे। बाबा साहब सपनों में देखे जिस भारत को, आइये हम […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।