जो मकाँ बनाते हैं,वो अपना घर नहीं बना पाते रेगिस्तान में उगने वाले पौधे जड़ नहीं बना पाते जिन्हें आदत हैं औरों के रहमो-करम पे जीने के वो कूबत होते हुए भी अपना डर नहीं बना पाते जो पहचानते हैं इंसानों को सिर्फ औकात से वो कभी किसी के दिल […]
आज हमारी धरती माँ का दिन है यानि “विश्व पृथ्वी दिवस” – जिस धरा पर हमारा जन्म होता है और जन्म से लेकर मृत्यु तक का सम्पूर्ण समय हम इसी पावन पुनीत धरा पर व्यतीत करते है। यह हमारे जीवन की सबसे अनमोल धरोहर है और सबसे पवित्र स्थान है। […]
शांतचित एक गहना है हमे इसी रूप में रहना है व्यर्थ की बातों से दूर रहो ईश्वरीय याद में खोये रहो चिंता पास नही आयेगी चेहरे पर मुस्कान छायेगी स्वस्थ भी अनुकूल होगा मन मे ईश्वरीय जुनून होगा जीवन की खुशियां पास होगी हर आस विश्वास होगी सदपरिवर्तन इसी से […]
मेरी शायरी मे यार मुहब्बत न ढूंढ हुस्न और इश्क़ की लज़्ज़त न ढूंढ । महरूम हैं मेरे शेर जलवाए महबूब से ज़िक्र तू यहाँ हसिनाए खूबसूरत न ढूंढ। मत कर नेताओं के वादों पर भरोसा सहरा में यार समंदर की फितरत न ढूंढ । रहने दे मासूमों की […]
छोड़कर अपना मैं और तुम आओ हम बनाते हैं मिला कर सारे सुर कोई नई सरगम बनाते हैं ============================ उनकी नफरतों का प्यार से देकर जवाब उनको देखो दुश्मनों को कैसे हम हमदम बनाते हैं ============================ रंग कर दोस्ती के रंग में ये कपड़ा भरोसे का लहराए जो सदियों तक […]
हिन्दी तुमसे प्रेम है । अनुराग है । तेरे कारण मन प्रफुल्लित है। जीवन मे आह्लाद है । तुम्हे नमन करता हू । बंदन करता हू । तेरे हि स्पर्श से नित अपनी वाणी तुमको अर्पण करता हू। तू जननी है मुझे दुलारती है। मेरे अब्यक्त शब्दों को संवारती है। […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।