हिंदी है अगर तेरी मातृभाषा, तो हरियाणवी भी तेरी बोली है! दोनों को साथ लेकर ना तू चला, आंख क्यों ना तूने खोली है!! हिंदी तेरी की सीमा नही है, हरियाणवी की है सुषमा(१)निराली! हिंदी है तेरी रुक्मणि सी, हरियाणवी है तेरी राधा वाली!! ममता […]
युगों युगों से योग साधना कर युगीन योगीराज हुए । विश्वनाथ योग प्राण के व्याख्याता हो निर्विकार हुए । अतुलित बल पाकर विश्वामित्र महायोग से बलवान हुए। शक्ति का अनुमान कठिन हो जायें जो योगसाधना से योगेश्वर हुए । यौगिक क्रियाओं से यौवन बना रहा ब्राह्मॠषी का। ऊँ भूर्भुवः स्वाहा […]
धरती है तप्ती,प्यासे है पंछी, आसमाँ की गोद भी सूनी है। गर्म हवाओं से मुरझाए चेहरों की आसमाँ से उम्मीद दूनी है। धरती के हर प्राणी ने प्रभु से बस एक ही आश बुनी है। बरसे बादल जोर से कुछ ऐसे, कि हर किसान की फसल लगे,चली आकाश को छूनी […]
जिनको देवी मानते हम नवरात्र में उनको पूजते हम उन्ही देवियो पर संकट छाया योगी जी यह कैसी माया आपने भी तो देवियां पूजी थी नन्ही बच्चियों में देवी देखी थी फिर टिंवकल क्यों मारी गई नरपिशाचों द्वारा नोंची गई एक पखवाड़े में 27 की आबरू भेडियो द्वारा उतारी गई […]
नित चमन के फूलों को मसल कर आंगन की बगिया ही उजड़ रही मिलता क्या है ऐसे कुकर्मो से नन्हीं-नन्ही बिटिया सिमट रही। अभी चलना भी नही सीखा था उसने बोलती भी अधूरी ही थी कैसे कैसे जुल्म किए तूने सारी मानवता ही हिल रही अक्ल के दुश्मन तुझे दया […]
जिसमें भावनाएं, सौंदर्य, साक्ष्य, उलाहना, तंज, पीर ,पीड़ा, पक्ष, विपक्ष, प्रधानता ,प्रमाणिकता, कथन ,कहानी, अनुराग, कुंठा, विरह, विष, विचार, विषमता, समर्पण, सुक्ष्म, सार आदि तो उपस्थित होता है ,किन्तु इसके परे भी होता है शिल्प, प्रसंग और प्रहार। जी हाँ, बात कविता की हो रही है तो इस बात का […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।