Author Archives: matruadmin - Page 1014

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जलना नहीं आता मुझको

तेरे हमराह यूं चलना नहीं आता मुझको, वक्त के साथ बदलना नहीं आता मुझकोl     मैं वह पत्थर भी नहीं हूँ कि पिघल भी न सकूं, मोम बनकर भी…
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सिद्धांत

  जैसे कविता में तुकांत चाहिए, आदमी में भी सिद्धांत चाहिएl होना है जरुरी प्रखर तुम्हारा, राहे मन्ज़िल में मन शांत चाहिएl तेरा चेहरा तेरी पलकें तेरे लब तेरी आँखें,…
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मास सावन

मास सावन लाया है ठंडी बहारें, मध्यम हवाएं..हल्की फुहारें..l  देखकर मेरा मन ये मचलने लगा, याद करके तुझे बिलखने लगा..l  मास सावन अनूठा मौसम मिलन का, बिन तेरे सूना है…
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बचपन के वो दिन

मुझे याद है.. बचपन के वो दिन, कागज की कश्ती बनाकर पानी में तैराना, बरसात के दिनों में उमड़ते-घुमड़ते बादलों के बीच कल्पना के घोड़े दौड़ाना, मनचाहे चरित्रों को तलाशना,…
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कान्हा

  केवल तू  ही  तू कान्हा, दूजी  न आरजू  कान्हा। पूजा करता हूँ तुम्हें बड़े अरमान के साथ, ख्वाहिशें पालता हूँ बड़े अभिमान के साथ। देखो मुझसे कभी तुम भी…
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जिन्दगी एक पतंग

  जिन्दगी नहीं है किसी पतंग से कम, आकर उड़ा लो अगर हो दम-खम। आओ पतंग से जिन्दगी के फलसफे को समझते हैं, बताते हैं उन्हें इसकी रंगत जो इसे…
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