नजर आता है वह मेरे अफ़ाक़ पर रोशन आफताब की तरह । हयात भी उसे गुनगुनाती दीवाने – खास ग़ज़ल के किताब की तरह। उसकी खुशबू से महकता बज़्म बहकता शामें सहर शराब की तरह। मदहोश करती नज़रें लब छूतें लफ़्ज़ जाज़िब पैगाम देती आदाब की तरह। जुस्तज़ू उसकी आरज़ू […]

● मुकेश तिवारी, इन्दौर गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले एक विश्लेषण सुन रहा था। विश्लेषक कह रहे थे – गुजरात के चुनाव नतीजे क्या आते हैं इस पर देश ही नहीं दुनिया भर की निगाहें लगी हुई हैं। इन नतीजों के बाद 2024 के आम चुनाव में […]

इन्दौर । हिन्दी प्रसार के लिए मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा शनिवार को लेखिका यशोधरा भटनागर के लघुकथा संग्रह ‘खिड़की’ पर चर्चा का आयोजन स्थानीय श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति में डेढ़ बजे किया जाएगा। इस आयोजन में मुख्य अतिथि साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे रहेंगे। पुस्तक चर्चाकार के […]

लिहाज़ एक झीना सा पर्दा ही तो है जिसके सहारे हम-आप अपना असली चेहरा छुपाते फिरते हैं यह सोच कर- कोई देख नहीं रहा। भलाई भी इसी में है- यह पर्दा कायम रहे वर्ना हकीकत सरेआम जो हो जाएगी। अर्द्धेन्दु भूषण इन्दौर, मध्यप्रदेश लेखक वर्तमान में दैनिक प्रजातंन्त्र के सम्पादक […]

अहिल्या पुस्तकालय में 133 वी पाठक संसद इंदौर। पाठक संसद की 133वीं साहित्यिक मासिक गोष्ठी , मंगलवार को शासकीय श्री अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय के संगोष्ठी हॉल में संपन्न हुई। कार्यक्रम के प्रथम भाग में साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश द्वारा वर्ष 2018 से 2021 तक के पुरस्कृत कृतिकार जिसमें इंदौर के 19 […]

कुरुक्षेत्र की भूमि पर गिरा हर वो शख्स कृष्ण थे, गदा धनुष विलीन भाल देह रक्त कृष्ण थे। पार्थ के सारथी कर्ण के भी मित्र थे । युधिष्ठिर की प्रतिज्ञा तो दुर्योधन का लक्ष्य थे । पांडवों की जीत कौरवों की हार थे रण क्षेत्र में चारों तरफ भगवान ही […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।