ज्ञान ज्योति निःशुल्क कोचिंग से 147 विद्यार्थियों का राजस्थान पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में चयन

0 0
Read Time3 Minute, 49 Second

कुछ क़र गुजरने का जज्बा मन में हो तो कुछ भी असंभव नहीं है यही चथुर्थात सिद्ध क़र दिखाया ज्ञान ज्योति निःशुल्क कोचिंग टीम ने

अध्यक्ष इंजीनियर राहुल मेघवाल ने बताया की उदयपुर में ज्ञान ज्योति सेवा संस्थान द्वारा जा रही निःशुल्क कोचिंग से 147 विद्यार्थियों का चयन हुआ संस्थान द्वारा निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करवाई जाती है जिसमे राजस्थान के हर जिले और हर वर्ग का जरूरत मंद विद्यार्थी इस कोचिंग में निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी क़रके अपना भविष्य सरकारी सेवाओं में बनाता है राजस्थान पुलिस परीक्षा 2020 में ज्ञान ज्योति निःशुल्क कोचिंग से 147 विद्यार्थियों का चयन से सभी लोगो में ख़ुशी का माहौल है
संस्थान मैनेजमेंट प्रभारी प्रहलाद नेगड़िया ने बताया की पुलिस कांस्टेबल के लिखित परीक्षा में इस सकारात्मक परिणाम से दूसरी प्रतियोगी परीक्षा के विधार्थियो में और जूनून और विश्वास बड़ा है

पुलिस कांस्टेबल बैच को गार्डन में पढ़ाया
राजस्थान पुलिस कांस्टेबल बैच को गंगू कुंड महा सतिया के गार्डन में पढ़ाना पड़ा क्यू की उस समय किसी कारण से कोचिंग की बिल्डिंग खाली हो गई थी पर सभी विद्यार्थियों में तथा टीम में उत्साह और विश्वास का नतीजा ये है की सबसे ज्यादा रिजल्ट देकर अभावों में अवसर को प्रदान करते हुए इतिहास बनाया था उस गार्डन में बारिश के मौसम में प्लास्टिक का तरपाल लगा क़र पढ़ाया और उसमे पढ़ने वाले विद्यार्थी ने ठान लिया की इन्ही विपरीत परिस्थिति में अपने आप को साबित करना है

अधिकारियो का उचित मार्गदर्शन
ज्ञान ज्योति निःशुल्क कोचिंग में पुलिस कांस्टेबल बैच में उदयपुर आई जी सत्यवीर सिंह,रिटायर्ड आई जी डी सी डामोर उदयपुर एडिशनल एस पी लखमन राय राठौड़ , प्रेम धणदेव,असिस्टेंट कमाण्डेड विपुल सैनी, सब इंस्पेक्टर सिद्धार्थ हर्षित पछोला आदि का समय समय पर मार्गदर्शन मिलता रहा जिससे सभी युवाओं में मोटिवेशन ये सकारात्मक परिणाम मिल पाया

निःशुल्क सेवा शिक्षकों द्वारा
पुलिस कांस्टेबल के इस परिणाम में स्वर्गीय रमण धाबाई चन्दन सिंह डॉ प्रकाश सरेल राहुल सिंह तंवर महेश चौधरी किशोर सिंह चौहान विनय मेघवाल ओम प्रकाश मालिंडा विनोद शर्मा नरेन्द सोनावत जिगर भट्ट हिम्मत मेघवाल पुखराज शर्मा कैलाश डांगी दिनेश शर्मा कृष्णकांत शर्मा आदि शिक्षकों ने अपनी सेवा निःशुल्क देकर इस मानव रूपी हवन में आहुति दी

matruadmin

Next Post

देशभर में एक अलग पहचान बना चुकी है संस्था- बृजलोक अकादमी

Wed Jul 28 , 2021
आगरा । साहित्यिक संस्था – बृजलोक साहित्य, कला, संस्कृति अकादमी के सौजन्य से पावनपर्व गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया । संस्था को देशभर से सम्मानार्थ प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं। प्रविष्ठियां ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से स्वीकार की गई थीं। सभी प्रविष्टि […]

पसंदीदा साहित्य

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।