मातृभाषा उन्नयन संस्थान के जिला अध्यक्षों की सूची जारी

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 # मध्यप्रदेश के १८  जिलों को मिला नेतृत्व
 इंदौर।
हिन्दी भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कार्यरत संस्था ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ के नेतृत्व में प्रदेश अध्यक्ष कमलेश कमल की अनुशंसा से प्रदेश महासचिव प्रिन्स बैरागी द्वारा मध्यप्रदेश में दल विस्तार किया व जिला अध्यक्षों की सूची जारी की है। उन्होंने सभी जिलाध्यक्षों को 45 दिनों के अंदर जिला संगठन का विस्तार करने का निर्देश दिया है।
*इन्हें बनाया गया जिला अध्यक्ष *
 जिस कढ़ी में पहले १८  जिलों के जिला अध्यक्ष नियुक्त किए गए जिनकी सूची निम्नानुसार है  :-
इंदौर से श्रीमती रश्मि मालवीय,   धार से श्री सोहन काग (मनावर), देवास से श्री धनंजय गायकवाड़,  उज्जैन से श्री महेश त्रिपाठी, अलीराजपुर से श्री धनराज वाणी (जोबट),  बड़वानी से श्री नवीन शर्मा,  खरगोन से श्री कैलाश मंडलोई ‘कदम्ब’,  बुरहानपुर से श्री शोएब कॉटनवाला,   रतलाम से डॉ निर्मला डांगी,    नीमच से श्री ओमप्रकाश क्षत्रिय,   होशंगाबाद से श्री रजनीश दुबे,  हरदा से जयकृष्ण चांडक,   जबलपुर से डॉ राजलक्ष्मी शिवहरे,  रायसेन से श्री प्रदीप सोनी ‘शून्य’,  सिवनी से डॉ  रामकुमार चतुर्वेदी ,   बालाघाट से श्री अशोक महिश्वरे,  उमरिया से श्री विजय जोशी,  कटनी से श्री विजय बागरी।
 समस्त नवनियुक्त जिला अध्यक्ष अपने सेअपने जिलें में हिन्दी प्रचार हेतु जागरुकता अभियान का संचालन करेंगे साथ ही जिलेभर में  ‘हस्ताक्षर बदलो अभियान’ का संचालन करेंगे । मातृभाषा उन्नयन संस्थान देशभर में हिन्दी में हस्ताक्षर करने की प्रेरणा देते हुए जनता से ‘हस्ताक्षर बदलो अभियान’ से जोड़ रही हैं जिसमे अभी तक लगभग 8 लाख से अधिक लोगों ने प्रतिज्ञा पत्र भर कर हिन्दी में हस्ताक्षर करने की प्रतिज्ञा ली हैं। संस्थान हिन्दी को रोज़गारमूलक भाषा बनाने के दायित्व के साथ सेसाथ भारत के समस्त भाषाओं का हिन्दी भाषा के साथ समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी कार्यरत हैं। नियुक्ति पर संस्थान के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।