इस तूफान में एक शमा जलाई जाए आज फिर शर्त ज़िंदगी से लगाई जाए ======================== वादा-ए-वस्ल है उनका कल सुबह हमसे सोचो जल्दी से कैसे रात बिताई जाए ======================== तेरे करीब होने का भरम हमें भी है कभी हमें भी निगाहों से पिलाई जाए ======================== करेंगे बाद में हम भी […]
काव्यभाषा
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