बुजुर्ग का जिस घर मे सम्मान नही है कहने को घर हो पर वह घर नही है बुजुर्ग है मार्गदर्शक नियन्ता वही है अनुभव का है खजाना  हितचिंतक वही है उंगली पकड जिनसे चलना सीखा है आप चल नही पाओगे ,उन्हें कहना क्या अपमान नही है कुछ तो सीखिए ब्रह्माकुमारीज […]

आग लगाने वाले आग लगा चुके पर इल्ज़ाम हवाओं पे ही आएगा रोशनी भी अब मकाँ देखे आती है ये शगूफा सूरज को कौन बताएगा बाज़ाए में कई”कॉस्मेटिक”चाँद घूम रहे अब आसमाँ के चाँद को आईना कौन दिखाएगा नदी,नाले,पोखर,झरने सभी खुद ही प्यासे तड़पती मछलियों की प्यास भला कौन बुझाएगा […]

जल-जल जग करे जल ना करो बर्बाद जो जल का उपयोग करे सदा रहेगा आबाद। जिस गाँव में जल नहीं वो गाँव नर्क समान दूर से ढोकर संचय करे तपती धूप हो आग समान। जल पर चर्चा जब करे कोई न खोजे उपाय सारे प्रवजन छोडकर के भविष्य का हो […]

दो दिन सुकून से जीना मुहाल करते हैं ये दुनिया वाले भी कितने सवाल करते हैं ========================== न रह सकेंगे खुश वो लोग किसी कीमत पर जो दूसरे की खुशी पर मलाल करते हैं ========================== हम बेकार हैं तो भी कुछ कम मसरूफ नहीं जो लोग कुछ नहीं करते कमाल […]

दिल धड़कना छोड़ दिया है / जब से गए हो तुम दूर मुझसे / तब से नाम के सहारे जिन्दा हूँ / मै डर गया हूँ तेरी वफ़ादारी से // तेरे दमन पर जो रंग लगता है। दिल मेरा यहां धड़कता है। कोई कैसे तुमको, मेरे से पहले  रंग लगा […]

.                    *१*  अपने  भारत  देश में, मने  खूब  त्यौहार। लोकतंत्र का पर्व जब, चुने भली सरकार।। .                      *२* पर्व सभी देते  खुशी, संविधान अधिकार। वोट अगर  डालें सभी, तभी पर्व साकार।। .                      *३* होली  का   संदेश   है, करो   बुराई  दूर। लोकतंत्र का मान हो, वोट  पड़े  भरपूर।। .                      *४* सबको गले लगा सखे,होली करो […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।